● रिम्स में कोविड वार्ड में अव्यवस्था और मरीजों संग अमानवीय व्यवहार शर्मनाक : कुणाल षाड़ंगी
● मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, शासन-प्रशासन को मानवीय हितों में संवेदनशील रहना आवश्यक, स्वास्थ्य मंत्री को संज्ञान लेने का निर्देश
रांची: सूबे की राजधानी रांची में राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स की अव्यवस्था पर पूर्व विधायक सह भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने चिंता ज़ाहिर करते हुए झारखंड सरकार का ध्यानाकृष्ट किया. भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने शनिवार सुबह रिम्स के तीसरे तल्ले पर बने कोविड-19 के आइसोलेशन वार्ड की अमानवीय तस्वीरें ट्विटर पर साझा करते हुए शर्मनाक बताया, और रिम्स की व्यवस्था पर सवाल खड़े किये.
पूर्व विधायक ने ट्वीट करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछा की राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में यूं बदहाली और अमानवीय व्यवस्था के बीच कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार करने की आखिर कौन सी विवशता है. पूर्व विधायक ने ट्विटर पोस्ट में अस्पताल के टूटे बेड और फ़र्श पर नग्न अवस्था में बैठे मरीज़ की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि निश्चित मायने में यह शर्मनाक है. उन्होंने अव्यवस्था पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल करते हुए पूछा कि क्या आप इतने मज़बूर हो चुके हैं ? भाजपा प्रवक्ता और पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी के ट्वीट पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता सहित रांची के उपायुक्त को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर लिखा कि शासन प्रशासन को मानवीय हितों के प्रति पहले से अधिक संवेदनशील रहने की ज़रूरत है. उन्होंने रांची के उपायुक्त को जांच कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर सूचित करने का निर्देश दिया है. वहीं ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को आवश्यक कदम उठाने के लिए निदेशित किया है.
भाजपा प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि कोरोना के महासंक्रमण काल में भाजपा रचनात्मक और सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाती रहेगी. उन्होंने कहा कि वे अव्यवस्था और असंवेदनशीलता के मामलों में सरकार का निरंतर ध्यानाकृष्ट करते रहेंगे. वहीं सरकार को भी लोकहित के मामलों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित संज्ञान लेनी चाहिए.

