रांची: झारखंड की राजधानी रांची के जाने-माने बिल्डर तथा जमीन के कारोबारी अभय सिंह से दो करोड़ की रंगदारी मांगने और कंस्ट्रक्शन कार्यालय में गोली चलाने के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है.
रांची के एसएसपी सुरेंद्र झा ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिसिया छानबीन में यह बात सामने आयी है कि अभय सिंह से रंगदारी मांगने की साजिश जमशेदपुर जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ने रची थी. अभय सिंह वन वृंदावन कंस्ट्रक्शन के अलावा रांची से प्रकाशित दैनिक अखबार खबर मंत्र के भी मालिक हैं. उनका घर मोराबादी के कुसुम विहार इलाके में है, जबकि कंस्ट्रक्शन का कार्यालय (वृंदा आर्केड) मोरहाबादी स्थित दिव्यायन चौक पर हैं. एसएसपी ने बताया कि जिन चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है उनमें रविरंजन पांडेय, फिरोज अंसारी, अमित उरांव और कुलदीप गोप शामिल हैं.
पुलिस ने इनके पास से एक देसी कार्बाइन, हैंड ग्रेनेड, 9 एमएम और 7.65 एमएम की 14-14 गोलियां, चार मोबाइल, एक पल्सर बाइक, एक स्कूटी समेत रेनकोट बरामद किया है. पुलिस अधिकारी ने बताया है कि रविरंजन पांडेय, फिरोज अंसारी, अमित उरांव को चिरौंदी बस्ती स्थित एक घर से पकड़ा गया है. कुलदीप गोप को गुमला के रायडीह से गिरफ्तार किया गया हैं कुलदीप गोप गुमला थाना क्षेत्र के कलिगा कनाटोली का रहने वाला है. रविरंजन पांडेय न्यू एरिया मोराबादी, फिरोज अहमद अरसंडे बोड़ेया, और अमित उरांव सरईटांड़ मोराबादी का रहने वाला है. रविरंजन पांडेय पर लालपुर थाना में अपराध का एक मामला भी दर्ज है.
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस षड़यंत्र के बारे में जमशेदपुर स्थित घाघीडीह जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा और उसके अन्य सहयोगियों के बारे में भी इन चारों ने अहम जानकारी दी है. लिहाजा अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने के लिए तफ्तीश जारी हैं. गौरतलब है कि सुजीत सिन्हा के नाम से ही अभय सिंह को वाट्सएप मैसेज कर दो करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी. इसमें कहा गया था कि बॉस (सुजीत सिन्हा) का आदेश है, दो करोड़ दे दें और बेफिक्र होकर अपना काम करते रहें. इसके साथ ही मैसेज के जरिए आगाह कराया गया था कि पुलिस को जानकारी देने से कोई लाभ नहीं होगा, इंजीनियर समरेंद्र जैसी नौबत नहीं आए, इससे भी संभलिएगा. हमलोगों का पेशा बम गोली चलाना ही है. यह भी ज्ञातव्य हो कि अरगोड़ा इलाके में इंजीनियर समरेंद्र को भी रंगदारी के चलते गोली मारी गई थी.
केस दर्ज फिर गोली
अभय सिंह ने धमकी और रंगदारी के बाबत पिछले छह अगस्त को बरियातू थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. एसएसपी ने बताया कि इस केस का अनुसंधान चल रहा था. इस दौरान 15 अगस्त को वृंदा आर्केड में पल्सर से पहुंचे दो लोगों ने गोली चलाकर दहशतगर्दी की. इस फायरिंग में ऑफिस में तैनात गार्ड बाल-बाल बच गया और गोली दीवार में जा लगी थी. गोलीकांड को लेकर भी पुलिस में फिर मामला दर्ज कराया गया. इसके बाद सिटी एसपी के नेतृत्व में एसआईटी बैठाई गई. पुलिस ने तेजी से तफ्तीश शुरू की और फायरिंग की घटना के दो दिन बाद ही चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.

