अरविन्द पटेल,
महराजगंज: महराजगंज जिले में रह रहे फ्रांसीसी परिवार ने महराजगंज के जिलाधिकारी से उत्तराखंड जाने की इजाजत मांगी है. फ्रांसीसी परिवार ने यहां के लोगों की व्यवहार कुशलता और उनके साथ बिताए यादगार पलों को भी साझा किया.
कोरोना से बचाव के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन के बीच 22 मार्च से एक फ्रांसिसी परिवार महराजगंज में फंसा है. इस परिवार को महराजगंज प्रशासन ने किसी होटल या गेस्ट हाउस में ठहरने की सुविधा ऑफर की थी लेकिन परिवार ने जंगल के पास एक मंदिर में ठहरना मंजूर किया था.
बता दें कि लॉकडाउन में भारत-नेपाल सीमा सील होने के बाद यह परिवार कोल्हुआ मंदिर परिसर में रुक गये थे. महराजगंज के लक्ष्मीपुर के कोल्हुआ मंदिर परिसर में फंसा फ्रांसीसी परिवार अब उत्तराखंड जाना चाहते हैं. पांच महीनों से यहां रह रहे इस परिवार को कोई तकलीफ नहीं है, लेकिन विश्व भ्रमण को निकाला यह परिवार अब उत्तराखंड जाना चाहता है.
13 अगस्त को परिवार की बड़ी बेटी पैलेरेस ओफैली मार्गेट की तबीयत खराब होने पर उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डेंगू के लक्षण और प्लेटलेट्स कम होने का इलाज चलने के बाद स्थिति ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है. इसके बाद यह परिवार फिर मंदिर परिसर में लौट आया.
फ्रांसीसी परिवार ने डीएम से मिल कर एक प्रार्थना पत्र देकर उत्तराखंड जाने की अनुमति दिलाने की मांग की. डीएम ने इस परिवार को आवश्यक कार्रवाई के बाद अवगत कराने का भरोसा दिया है.

