नई दिल्लीः– चंद्र ग्रहण 26 मई को लगने जा रहा है. यह चंद्र ग्रहण साल का प्रथम चंद्र ग्रहण होगा. इसके साथ अन्य ग्रहण कब कब लगने जा रहे हैं, आइए जानते हैं. सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को ज्योतिष शास्त्र में बहुत विशेष माना गया है. ग्रहण को ज्योतिष शास्त्र में एक प्रमुख खगोलिय घटना के तौर पर देखा जाता है जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर तो पड़ता ही साथ ही साथ देश और दुनिया पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलता है. इस वर्ष कुल चार ग्रहण लगने जा रहे हैं, जिसमें दो चंद्र ग्रहण है और दो सूर्य ग्रहण हैं.
पंचांग के अनुसार इस वर्ष दो चंद्र ग्रहण लगने जा रहे हैं. पहला चंद्र ग्रहण 26 मई 2021 और दूसरा चंद्र ग्रहण 19 नवंबर 2021 को लगेगा. इसके साथ ही प्रथम चंद्र ग्रहण को भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, एशिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई देगा. भारत के लिए पहला चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्रग्रहण होगा. लेकिन अन्य देशों के लिए यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा. वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण भी उपछाया ग्रहण होगा. जो भारत के अतिरिक्त अमेरिका, उत्तरी यूरोप, प्रशांत महासागर और ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा.
वर्ष 2021 का पहला सूर्यग्रहण 10 जून को लगने जा रहा है. इस पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं माना जा रहा है. सूर्य ग्रहण भारत, कनाडा, यूरोप, रुस, ग्रीनलैंड, एशिया और उत्तरी अमेरिका में देखा जा सकता है. वहीं वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर 2021 को लगेगा. इसे दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया में नजर आएगा. भारत में यह सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा.
चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण के दौरान सूतक काल का विशेष महत्व बताया गया है. इस वर्ष जो भी ग्रहण लग रहे हैं वे उपछाया ग्रहण बताए जा रहे हैं. सूतक काल के नियम तभी मान्य होते हैं जब ग्रहण पूर्ण हो. उपछाया होने की स्थिति में सूतक काल के नियम मान्य नहीं होते हैं. सूतक काल में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं

