ब्यूरो चीफ,
रांची: झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के एक पदधारी पिछले दो टर्म से निर्विरोध निर्वाचित हो रहे हैं. इन पर पूर्व अध्यक्ष की इनायत बनी हुई है. राजनीति में फिसड्डी रहे ये शख्श अब क्रिकेट में अपना किस्मत चमका रहे हैं. दिन भर जेएससीए स्टेडियम में बैठ कर अपनी जीजिविषा को तृप्त कर रहे हैं. पहले झारखंड विकास मोर्चा में थे, वहां से पाला बदल लिया, कांग्रेस में आ गये. कांग्रेस में भी राजनीति नहीं चल पायी. अब सारा कुछ जेएससीए के लिए कर रहे हैं. अपना निर्णय तो ये खुद नहीं ले पाते हैं, हां स्टेडियम में हमेशा चाटुकारो से घिरे रहते हैं. इन्होंने अपना भाग्य हटिया विधानसभा क्षेत्र से भी आजमाया है. पर सफल नहीं हो पाये. अब तो लफ्फाजी और बड़ी डीलिंग में इनका कोई सानी नहीं है. रांची में धारदार राजनीति में कभी सफल नहीं रहे. पर क्रिकेट के पीच में अध्यक्ष के बाद इनकी ही सबसे अधिक चलती है. 22 सितंबर को हुए जेएससीए के चुनाव के पहले ही ये उपाध्यक्ष के पद पर निर्विरोध निर्वाचित हो गये. लगातार सेकेंड टर्म उपाध्यक्ष पद पर चुने जाने से इनकी भौंहें और तन गयी हैं. मृदुभाषी होने का दंभ भरनेवाले ये नेता दुनिया मेरी मुट्ठी में की तर्ज पर काम कर रहे हैं.
सदस्यों में भी है अच्छी धौंस
जेएससीए के लाइफ मेंबरों में इनकी अच्छी धौंस है. 643 लाइफ मेंबरों में से कारपोरेट्स, व्यावसायी, चिकित्सक तथा अन्य की भागीदारी अधिक रहती है. इन्हें एक मंच पर लाने का जिम्मेवारी भी ये निभा रहे हैं. व्यावसायियों में अरुण श्रीवास्तव, प्रदीप चौबे, अमर नाथ चौधरी, आरके चाधरी, कमल फोगला, राजू गोड़िदिया, अजय जैन, विजय जैन, रेखा जैन, संजय जैन, श्रवण जैन, ब्रज किशोर जायसवाल, प्रशांत जायसवाल, निशा जायसवाल, अशोक केजरीवाल, प्रदीप शर्मा, निरंजन शर्मा, कमल सिंघानिया, अनिल सिंहानिया, समेत अन्य शामिल हैं, इसके अवाला ये संजय दुबे, सांसद अजय मारू समेत अन्य पर धाक जमाते है.
कहते हैं हम एचइसी को रायल्टी क्यों दें
ये पदधारी एचइसी को रायल्टी देने के पक्ष में भी नहीं रहते हैं. एचइसी की तरफ से 32 एकड़ जमीन क्रिकेट के लिए आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए दी गयी थी. स्टेडियम के बेजां इस्तेमाल और यहां होनेवाले मैच पर एचइसी को पांच प्रतिशत रायल्टी देने के मामले पर उची आवाज में भौंकने लगते है.

