रांची:-अब स्टेटस सिंबल के रूप में बॉडीगार्ड रखना भारी पड़ेगा पुलिस मुख्यालय ने तय किया है कि जो भी आम नागरिक बॉडीगार्ड रखे हुए हैं उन्हें अब पूरा पैसा देना होगा अगर किसी के पास एक अंगरक्षक हैं तो उस अंगरक्षक के वेतन और भत्ता पर होने वाला पूरा खर्च उसी व्यक्ति को वाहन करना होगा एक अंगरक्षक पर वेतन और भत्ता मिलाकर 50 से ₹80000 के बीच खर्च होता है जिन्हें सुरक्षा कारणों से अंगरक्षक उपलब्ध कराया गया है उनसे यह खर्च नहीं लिया जाएगा धनबाद के एक व्यक्ति के हाई कोर्ट जाने के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से पिछले 1 सप्ताह से अंगरक्षक लेने वाले व्यक्तियों को नोटिस भेजा जा रहा है पैरवी पर बॉडीगार्ड लेने के कारण वैसे व्यक्तियों की परेशानी बढ़ जाती है जिन्हें सही में अंगरक्षक की आवश्यकता है. जिनकी जान को अपराधियों से खतरा है कई ऐसे लोग हैं जिन पर अपराधियों और नक्सलियों ने हमला बोला है उनकी माली स्थिति ऐसी नहीं है कि वह खर्च वाहन कर सकें झारखंड में जिला पुलिस के करीब पंद्रह सौ जवान दूसरों की सुरक्षा में लगे हैं. झारखंड में बेवजह बॉडीगार्ड बना दिया गया है दलील दी गई है कि जिन्हें सुरक्षा की जरूरत है वह आरक्षण के खर्च का वाहन करें पुलिस मुख्यालय ने यह तय किया है कि राज्य के सांसद विधायक पूर्व सांसद पूर्व विधायक वर्तमान में कार्यरत पदाधिकारी के अलावा जिला परिषद नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर के साथ निशुल्क अंगरक्षक रहेगा साथी ऐसे व्यक्तियों का भी अंगरक्षक निशुल्क रहेगा जिनको वास्तव में जान का खतरा है.वैसे व्यक्तियों की परेशानी बढ़ने वाली है जो रौब जमाने के लिए अंगरक्षक लेकर चलते हैं. झारखंड में ऐसे 400 लोग हैं जिन्हें महीना भर पहले क्रमवार अंगरक्षक उपलब्ध कराया गया है स्थिति तो यह है कि झारखंड में वारंटी यों को भी अंगरक्षक मिल गए हैं. इसके अलावा पत्रकारों और दूसरे धंधे में शामिल लोगों को भी बॉडीगार्ड उपलब्ध कराया गया है अब इन सब ऊपर नोटिस भेजा जा रहा है कि वे होने वाले खर्च का भुगतान करें.
क्या हुआ था
धनबाद के एक व्यक्ति को हाईकोर्ट के निर्देश पर अंगरक्षक उपलब्ध कराया गया लगभग 5 महीने पहले राज्य के पूर्व डीजीपी ने सभी के अंगरक्षक यह कहते हुए वापस ले लिए थे कि उन्हें सुरक्षा की जरूरत नहीं है लगभग 500 जवान आरक्षी केंद्र में योगदान कर चुके थे पुलिस मुख्यालय के इस निर्णय के खिलाफ वह व्यक्ति हाईकोर्ट चला गया इसके बाद यह तय हुआ कि जिनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी और बाद में लौटा दिया गया उन्हें बकाया पैसा भुगतान का नोटिस भेजा गया है.

