रामगढ़ः ननकाना साहिब (पाकिस्तान) में सिख समाज के साथ हो रही हिंसक घटनाओं को लेकर मंगलवार को रामगढ़ गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के द्वारा शिवाजी रोड स्थित गुरुद्वारा परिसर से प्रतिवाद मार्च निकाला. यह प्रतिवाद मार्च शहर के सुभाष चौक होते हुए अनुमंडल कार्यालय पहुंच कर समाप्त हुआ.
साथ ही सिख समाज के एक प्रतिनिधि मंडल ने रामगढ़ एसडीओ कार्यालय में कार्यपालक दंडाधिकारी डांगोर कोड़ाह को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा. राष्ट्रपति के नाम भेजे गए ज्ञापन में लिखा गया है कि पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब के पवित्र दरबार साहिब में कुछ हुड़दंगयो के द्वारा भारी पथराव किया गया. साथ ही उग्र नारे भी लगाए गये.
जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल एवं लोगों में अनजाने भय का भी माहौल उत्पन्न हो गया. पाकिस्तान सरकार ने वहां के सिख समुदाय द्वारा शनिवार को निकाले जाने वाले नगर कीर्तन की भी अनुमति नहीं दी गई.
वहां हुड़दंग मचा रहे लोगों की भीड़ ननकाना साहिब का नाम गुलाम-ए-मुस्तफा करने के नारे लगा रहे थे. इस घटना से पाकिस्तान में रहने वाला सिख समुदाय अपने आप को पूर्ण रूप से असुरक्षित महसूस कर रहे है. साथ ही भय के माहौल से डरे सहमे भी है.
वहां पूरी तरह से मानव अधिकारों का हनन हो रहा है. इन अप्रिय घटनाओं को पूरे विश्व के सिख समुदाय द्वारा रोज पूर्ण प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत सहित अन्य देशों के पाकिस्तानी दूतावासों पर उग्र प्रदर्शन करते हुए, संबंधित अधिकारियों के मार्फत पाकिस्तानी सरकार से मांग की गई है कि हुड़दंग मचाने वाले लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.
साथ ही ननकाना साहिब में इस प्रकार की घटना दोबारा ना हो यह सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा पूरे विश्व के सिख एक होकर अपने स्तर से कार्रवाई करने को मजबूर होंगे. हम लोग इस घटनाक्रम की कड़ी निंदा करते हैं. रामगढ़ जिले के सिख समुदाय की ओर से मांग करते हैं कि ननकाना साहिब हमारे लिए मक्का मदीने की तरह पवित्र तीर्थ स्थान का दर्जा रखता है.
इस प्रकार की बर्बरता पूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो इसकी गारंटी ली जाए. प्रतिवाद मार्च में गुरुद्वारा प्रधान रमिंदर सिंह गांधी, महासचिव जगजीत सिंह सोनी, परमजीत सिंह सैनी, रविंद्र सिंह छाबड़ा, दलजिंदर सिंह, परमिंदर सिंह जस्सल, कुलवंत सिंह मारवा, मनजीत सिंह, जसविंदर सिंह, नरेंद्र सिंह चमन, हरजीत सिंह छाबड़ा, मनी सिंह, गुरविंदर सिंह कालरा, रघुवीर सिंह, राजेंद्र सिंह जस्सल, डीएस अरोड़ा, तेजिंदर पाल सिंह, दलजीत सिंह, अजब सिंह, राजेंद्र सिंह सलूजा, मंगू सैनी, सीटू सलूजा, इकबाल सिंह छाबड़ा, इंद्रपाल सिंह सैनी, प्रदीप सिंह, रणंजय कुमार उर्फ कुंटू बाबू, धनंजय कुमार पुटूस, इकबाल सिंह छाबड़ा, दलजीत सिंह अरोड़ा, अमरजीत सिंह, बलविंदर कौर, विमला जस्सल, कमलप्रीत कौर छाबड़ा, सुरेंद्र कौर ,रंजू अरोड़ा, सुरेंद्र कौर गांधी, रूमी छाबड़ा, सुरेंद्र कौर चमन, राज कौर, सुदेश कौर सहित अनेक लोग शामिल थे.

