चतरा: एक सप्ताह पूर्व चतरा के इटखोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बंथू गांव में हुए नाबालिग गैंगरेप कांड का मामला दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है. मामले में त्वरित पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद लोग आंदोलन का रूप अख्तियार कर रहे हैं. घटना के विरोध में इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर परिसर में हजारीबाग प्रमंडल के समाज की बैठक हुई. बैठक में नवरात्र के दौरान हुए नाबालिक युवती के साथ गैंगरेप की घटना का विरोध करते हुए समाज के लोगों ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने व उनके विरुद्ध न्यायालय में अविलंब चार्जशीट दाखिल करने की मांग पुलिस से की. साथ ही दरिंदों को फांसी देने की भी मांग परिजनों ने की.
परिजनों का आरोप है कि सभी आरोपी पैसे के बल पर मेडिकल रिपोर्ट मैनेज करने के फिराक में लगे हैं. अगर ऐसा होता है तो बच्ची के साथ हुए कुकृत्य पर न सिर्फ पर्दा डल जाएगा, बल्कि वह जीवनभर कलंक को भी नहीं भूल पाएगी.
इस घटना को लेकर बैठक की गयी. इस बैठक में हजारीबाग प्रमंडल के नाई समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे. मौके पर सदस्यों ने कहा कि मानवता को कलंकित करने वाले सामुहिक दुष्कर्म की घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है. ऐसे में रेप विक्टिम का बालिग होने पर सामाजिक रीति रिवाज से धूमधाम से शादी कराने का निर्णय लिया गया.
गौरतलब है कि नवरात्र के दौरान बंथू गांव में चार बहशी दरिंदों ने मिलकर नाबालिग युवती को अपने हवश का शिकार बनाया था. इस दौरान आरोपियों ने विक्टिम को रेप के बाद जंगल में घायलवस्था में छोड़ दिया था. जिसके बाद परिजनों में मामले की सूचना इटखोरी थाना पुलिस को दी थी. सूचना मिलते ही जहां पुलिस ने दो आरोपियों को त्वरित कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया था. वहीं दो आरोपियों ने न्यायालय में सरेंडर किया था.

