रांचीः आजसू के नेता गंगा नारायण सिंह सोमवार को BJP में शामिल हो गए। इनके शामिल होते ही अब लगभग ये स्पष्ट हो गया है कि मधुपुर विधानसभा उपचुनाव में ये BJP के उम्मीदवार होंगे। केंद्रीय समिति से औपचारिकता पूरी होते ही अगले एक-दो दिन में इसकी घोषणा हो सकती है।
पार्टी ज्वाइन करते ही गंगा नारायण सिंह ने कहा कि बचपन से BJP का नारा लगाता था। आज इस पार्टी का सिपाही बन गया हूं। बिना लोभ और लालच के पार्टी के लिए काम करुंगा। गांव और गरीबों के सम्मान के लिए शामिल हुआ हूं। BJP का सिपाही होने के नाते निःस्वार्थ भाव से गांव के लिए काम करुंगा। पीएम के विचारों को गांव तक पहुंचाउंगा
भाजपा में शामिल हाेते ही मधुपुर सीट के लिए उनका नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया जाएगा। इस सूची में तीन नाम होंगे। सबसे पहले गंगा नारायण, दूसरे स्थान पर राज पलिवार और तीसरे स्थान पर रवि तिवारी या संजय यादव। हालांकि दो नाम भी भेजे जा सकते हैं और यह भी सिर्फ औपचारिकता हाेगी। प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें चुनाव मैदान में उतारने का मन बना लिया है । राजनीति के गलियारे में इस बात की चर्चा गर्म थी कि BJP एक बार फिर से अपने पुराने खिलाड़ी राज पालिवार पर दाव लगा सकती है। लेकिन वे समीकरण में पूरी तरह फिट नहीं बैठ पाए। राजनीति के जानकार कहते हैं कि BJP इस उपचुनाव में किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है। सत्तापक्ष पहले ही वहां से मंत्री को उतार चुका है। ऐसा माना जाता है कि पिछले विधानसभा में गंगानारायण सिंह के कारण ही राजपालिवार हारे थे। विधानसभा चुनाव में तब ये आजसू से चुनाव लड़कर 45620 वोट से तीसरे स्थान पर रहे थे। जबकि 23069 वोट से राज पालिवार JMM के हाजी हुसैन अंसारी से हार गए थे
आजसू पहले ही बीजेपी को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुका है। ऐसे में मधुपुर के उपचुनाव में मुकाबाला एनडीए और यूपीए में होगा। कोई तीसरा कोण नहीं बन पाएगा। ऐसे में अगर विधानसभा चुनाव में प्राप्त वोटों को देखें तो एनडीए का पलड़ा भारी लग रहा है। अगर सभी वोटों को एनडीए अपने पक्ष में करने में कामयाब हो जाता है तो यूपीए को झटका लग सकता है। हालांकि हफीजुल अंसारी को पहले ही मंत्री बनाकर सीएम हेमंत सोरेन मास्टर स्ट्रोक खेल चुके हैं।
मधुपुर विधानसभा उपचुनाव जीत कर राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा मनोवैज्ञानिक लाभ लेना चाहती है। वह भविष्य में होने वाले राज्यसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए भी आश्वस्त हो जाना चाहती है। राज्यसभा चुनाव में कम से कम 27 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है, जबकि भाजपा के पास अभी 26 विधायक हैं। हालांकि ऐसे चुनाव में आजसू उसे समर्थन करती है, पर भाजपा चाहती है कि उसके पास खुद के 27 विधायक हाे जाएं। इसके लिए मधुपुर उपचुनाव जीतना उसके लिए काफी महत्वपूर्ण है।
राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का पिछले साल तीन अक्टूबर काे निधन हाे गया। इसके बाद से यह सीट खाली है। इसी बीच उनके बेटे हफीजुल हसन काे बिना विधायक बने ही मंत्री बना दिया गया। ऐसे में झामुमाे की ओर से उनका चुनाव लड़ना तय है।

