रांची: एसआईटी को सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड में बड़ी सफलता मिली है. बंगलूरू की एसआईटी ने हत्याकांड का फरार आरोपी ऋषिकेश डिवारिकर को झारखंड के कतरास से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ऋषिकेश महाराष्ट्र के औरंगाबाद का रहने वाला है.
झारखंड पुलिस के सहयोग से बंगलूरू से आई एसआईटी की टीम ने उद्योगपति प्रदीप खेमका के आवास पर छापेमारी की जहां से ऋषिकेश हत्थे चढ़ गया. ऋषिकेश कुछ दिनों से यहां पहचान छिपाकर रह रहा था और कतरास में प्रदीप खेमका के पेट्रोल पंप में केयरटेकर के रूप में काम कर रहा था. भगत मोहल्ला में वह पेट्रोल पंप के मालिक के ही घर में किराये पर रह रहा था.
बता दें कि गौरी लंकेश हत्याकांड के अधिकतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. ऋषिकेश के हिंदूवादी संगठन से जुड़े होने की बात कही जा रही है. शुक्रवार को पुलिस ऋषिकेश को कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर बंगलूरू ले जाएगी. 5 सितंबर 2017 को गौरी लंकेश की बंगलूरू स्थित उनके आवास के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. जांचकर्ताओं ने कहा कि समूह ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की थी जिनकी वह हत्या करना चाहता था और उस सूची में रंगकर्मी गिरिश कर्नाड और के.एस. भगवान का भी नाम था.
एसआईटी को पता चला कि लंकेश की हत्या की साजिश उसी दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों ने रची जिन पर एम.एम.कलबुर्गी की हत्या का आरोप है.

