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विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ वर्मा ने दिए निर्देश
ग्वालियर: जिले की ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत प्राथमिकता के आधार पर सामुदायिक वृक्षारोपण कराएं. साथ ही जहां-जहां गौशाला का निर्माण पूर्ण हो चुका है, उनका संचालन समिति का गठन कर कराएं.
इस आशय के निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिए.
यहां जिला पंचायत के सभागार में आयोजित हुई बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वर्मा ने निर्देश दिए कि ग्रामीण आजीविका मिशन अन्तर्गत गठित स्व-सहायता समूह सदस्यों को भी बेसहारा गौवंश के लिए बनाई गई गौशाला संचालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है.
उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर व गौशाला परिसर के समीप स्थित शासकीय जमीन पर नक्षत्र वाटिका, हरवल वाटिका, तथा तुलसी वाटिका को विकसित किया जाए. साथ ही गौवंश की पेयजल व्यवस्था के लिए तालाब व चैकडेम निर्माण की योजना भी तैयार करें.
सीईओ वर्मा ने निर्देश दिए कि महिला स्वसहायता समूहों में से 2 – 2 सदस्यों को चयनित कर मनरेगा अन्तर्गत निर्माण स्थल पर कार्यों की निगरानी के लिए तैनात करें. निर्माण स्थल पर कोविड-19 की गाइड लाइन का अनिवार्यत: पालन कराएं.
श्रमिकों को भी मास्क उपलब्ध कराये जाऐं. समृद्ध पर्यावास के अन्तर्गत पूर्ण आवासों में संबंधित हितग्राहियों को वृक्षारोपण के लिए 5-5 पौधे उपलब्ध कराएं. वर्मा ने निर्देश दिए कि पंचायत मुख्यालय पर स्थापित ई-कक्ष में कॉमन सर्विस सेंटर संचालित कराएं. इस सेंटर की सुरक्षा का दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत का होगा. कॉमन सर्विस सेंटर का प्रभारी ग्राम रोजगार सहायक को बनाएं.
समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए कि पंचायत क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा स्थापित बोर का सर्वेक्षण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिससे जल एकत्रीकरण एवं रिचार्ज करने की योजना को मूर्तरूप दिया जा सके. जिन उपयंत्रियों की लक्ष्य प्रगति संतोषजनक नहीं पायी गई. उन्हें तीन दिवस में कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिये.
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 अन्तर्गत हर ग्राम पंचायत में कचरा प्रबंधन, घर-घर जाकर कचरा उठाने की व्यवस्था, नाडेप निर्माण, गंदे जल की निकासी के लिए नाली निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग के लिए सोख्ता गड्डा एवं रीचार्ज पिट का निर्माण कराने तथा कृषि एवं पशुजनित कचरे से कपोस्ट खाद का निर्माण नाडेप विधि द्वारा कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए.
बैठक में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री मनरेगा, उपयंत्री तथा स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक उपस्थित थे.

