मुंगेर: सभी विभागों में खाली पड़े सभी पदों को संवैधानिक पद घोषित करते हुए छह महीने में बहाली सुनिश्चित करने, आधार कार्ड को उधार कार्ड घोषित कर पांच लाख रुपए तक का बैंक लोन देने एवं दस हजार रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की मांग को लेकर एनसीपी श्रमिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी के नेतृत्व में सैंकड़ों की संख्या में एनसीपी कार्यकर्ता नारे लगाते हुए “बेरोजगारी रैली” निकाला गया. रैली में कार्यकर्ता ‘बेरोजगारों को रोजगार दो-जीने का अधिकार दो या फिर जिन्दा मार दो’, ‘धोखा है वर्चुअल रैली-एक्चुअल है बेरोजगार रैली’, ‘सभी बेरोजगारों को दस हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता देना होगा’, ‘बैंकों के दरवाजे बेरोजगारों के लिए बंद क्यों जवाब दो’ आदि गगनभेदी नारे लगा रहे थे.
पुरबसराय दिलीप धर्मशाला से निकलकर बेरोजगार रैली जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष सभा में तब्दील हो गई. जहां उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजय केशरी ने कहा कि आज बेरोजगारी हर घर की समस्या बन गई है जिसे दूर करने के लिए एनसीपी कृतसंकल्पित है. अगर नीतीश सरकार हमारी मांगों पर एक सप्ताह में सार्थक कदम नहीं उठाती है तो चौदह सितंबर से नीलम सिनेमा के समक्ष आमरण-अनशन किया जाएगा.
छात्र राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सोमवंशी एवं प्रदेश महासचिव राजीव शर्मा ने कहा कि चाहे जंगलराज हो चाहे सूरमा भोपाली राज हो दोनों में युवाओं और महिलाओं का जमकर शोषण हुआ है. महिला जिला अध्यक्ष शीला सिन्हा, बीना देवी एवं सोनी देवी ने कहा कि हम महिलाएं तो शत-प्रतिशत बेरोजगार हैं जो आर्थिक उपार्जन कर अपने घर और बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं लेकिन सरकार को सिर्फ हमारे वोट से मतलब है. कार्यक्रम के अंत में अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया.
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष ललन चौधरी, वरीय नेता मनोरंजन सिंह, अजय प्रसाद सिंह, शंकर यादव, विक्रमजीत चन्द्रवंशी, मो० सलाम, मो० राजू, बंटी राम, राजेश मिश्रा, किशन मंडल, आजाद शर्मा, प्रमोद शर्मा, मोनू सिन्हा, लक्ष्मी देवी, किरण देवी, बेबी देवी, रीता देवी, उषा देवी, संगीता देवी, सूरज मंडल, छोटू बिन्द, सोनू सिन्हा सहित अनेकों कार्यकर्ता शामिल थे.

