दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ समीक्षा बैठक की. उन्होंने बैठक में बैंकों से कहा वे योग्य एमएसएमई (MSME) को लोन की मंजूरी देने उन तक पहुंच बनाने में जोर दे. उन्होंने कहा कि बैंकों से कहा कि दूसरे जरूरतमंद बिज़नेस को भी क्रेडिट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा जाय. इमरजेंसी क्रेडिट लिंक गारंटी स्कीम के तहत 20 हज़ार करोड़ रुपये के लोन मंजूरी में तेजी लाई जाए.
वित्त मंत्री ने कहा कि इसे बैंकों के ब्रांच स्तर पर कारगर तरीके से लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी क्रेडिट लिंक गारंटी स्कीम के लिए फॉर्म सरल न्यूनतम फॉर्मेलिटीज के साथ बैंक ब्रांचों में रखा जाए.
वित्त मंत्री ने फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा था कि कोविड आपातकालीन कर्ज की सुविधा सिर्फ MSME को ही नहीं, बल्कि सभी कंपनियों के लिए है इसका फायदा सभी कंपनियां उठा सकती हैं.
बता दें कि वित्त मंत्रालय ने पिछले हफ्ते बुधवार (3 जून 2020) को बताया था कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Public Sector Bank-PSB) ने कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित एमएसएमई क्षेत्र (MSME Sector) को इस महीने के पहले दो दिन में तीन लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण गारंटी योजना के तहत 3,893 करोड़ रुपये का कर्ज दिया.

