रांची: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल (फैम) के प्रदेश महासचिव दीपेश निराला ने रांची नगर निगम के नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए इस वैश्विक कोरोना महामारी के इस विपदा काल में अपर बाजार के 314 भवन मालिकों को नोटिस तथा 1 सप्ताह में भवन का स्वीकृत नक्शा नहीं दिखाये जाने पर अवैध निर्माण का केस दर्ज करने की कार्रवाई के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है.
इस खबर को सभी प्रमुख अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ज्ञापन में कहा गया है कि इस समय पूरा विश्व और भारत सहित रांची में भी लोग वैश्विक कोरोना महामारी दंश झेल रहा है एवं लोगों का रोजगार, व्यापार- धंधा लॉकडाउन के कारण चौपट हो चुका है. ऐसे विकट परिस्थिति में अपर बाजार के रंगरेज गली, सुनार पट्टी और सूरज बाबू स्ट्रीट, आदि के उक्त 314 और पूर्व में 85 भवन मालिकों अर्थात 399 भवन मालिकों, जो कि यहां अपना-अपना व्यापार कर परिवारों का जीविकोपार्जन कर रहे हैं, उनको इस प्रकार का नोटिस इस समय बिल्कुल भी न्यायोचित प्रतीत नहीं होता है.
जब निगम के द्वारा उक्त 399 व्यक्तियों से स्वीकृत नक्शा की मांग की जा रही है तो पहले तो रांची नगर निगम को अपने कार्यालय से समन्वय स्थापित करते हुए जहां से समूचे अपर बाजार के नक्शे स्वीकृत किए जाते हैं, उन कार्यालयों और प्राधिकरण से नक्शों की समुचित सूची और स्वीकृत नक्शे का संपूर्ण अभिलेख प्राप्त कर लेना चाहिए, ना कि सीधे उक्त 399 व्यापारी भवन मालिकों को नोटिस निर्गत करके अवैध निर्माण का केस करने जैसी बातें करके एक भय का माहौल इस महामारी काल में व्यापारियों के मध्य उत्पन्न करवाना चाहिए.
रांची नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम, इंजीनियरिंग टीम, टाउन प्लानर एवं अन्य पदाधिकारियों उस समय कहां थे जब उक्त भवनों का निर्माण किया जा रहा था, उसी समय अगर कोई अवैध निर्माण हो भी रहा था, तो निगम के लोगों ने उसे रोका क्यों नहीं, क्यों उसी समय कोई कार्रवाई संपादित नहीं की गई.
क्यों और कैसे उक्त भवनों से निगम होल्डिंग टैक्स इत्यादि प्राप्त कर उनका रसीद निर्गत किया, कैसे बिजली, पानी और टेलीफोन का प्रयोग इन भवनों में होकर भवन मालिकों और उनके किरायेदारों ने सभी बिल का भुगतान किया.
अभी 22 मार्च 2020 से झारखंड सहित देश में कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन लगा था, जिससे संपूर्ण व्यापारी समाज त्राहिमाम कर रहा है और आज भी भारत सरकार के गृह विभाग और झारखंड सरकार ने 30 सितंबर 2020 तक कई व्यवसाय को प्रतिबंधित किया हुआ है और रांची में बहुत तेजी से कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है और ऐसी स्थिति में 399 व्यापारी भवन मालिकों को भी रांची नगर निगम को राहत प्रदान करनी चाहिए, और जहां तक स्वीकृत नक्शे की बात है उसे अपने अधीन कार्यालयों में और आरआरडीए से प्राप्त करना चाहिए, ना कि उक्त 399 व्यापारी भवन मालिकों को स्वीकृत नक्शा जमा कराने हेतु मात्र 1 सप्ताह का नोटिस निर्गत कर अवैध निर्माण का केस करने की चेतावनी देनी चाहिए.
25 व्यापारियों ने रांची नगर निगम के नोटिस का जवाब भी दिया है, फैम के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने निगम से आग्रह किया है कि इस कोरोना काल के खत्म होने तक इन 399 भवन मालिकों को समय दिया जाए तथा किसी व्यापारियों पर कोई पीड़क कार्रवाई ना किया जाए.
कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग करने वालों में- फैम के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम कुमार गाड़िया, उपाध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, सचिव चेतन भरतिया, मीडिया सेल के चेयरमैन संजय सर्राफ, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सुमन, प्रकाश पटवारी, नीरज भट्ट, निर्मल कुमार जैन संजीव खत्री, प्रमोद कुमार डोकानियां, अजय शुक्ला, अमित कुमार आनंद, संजय अग्रवाल रतन साहू, रमेश तिवारी, चंद्रभान शर्मा, आदि शामिल है.

