दिल्ली: केंद्र सरकार सड़क दुर्घटना पीड़ित व्यक्ति के लिए बड़ी योजना लाने जा रही है. इसके तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों का कैशलेस इलाज किया जाएगा. सरकार ऐसे लोगों के इलाज का भुगतान करने के लिए एक ‘मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड’ का गठन करेगी.
परिवहन मंत्रालय ने दुर्घटना में घायल हर व्यक्ति के इलाज के लिए 2.5 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया है. साथ ही मंत्रालय ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत इस योजना को लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को नोडल एजेंसी नामित किया है.
भारतीय या विदेशी राष्ट्रीयता के सभी सड़क दुर्घटना पीड़ितों को योजना के तहत पात्र माना जाएगा. वहीं, केंद्र ने 10 जुलाई तक सभी मुख्य सचिवों से प्रस्तावित योजना पर प्रतिक्रिया मांगी है.
परिवहन मंत्रालय द्वारा राज्यों को अपने संबोधन में लिखे एक पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों के कैशलेस उपचार के लिए एक योजना बनाएगी और इस तरह की योजना में पीड़ितों के उपचार के लिए एक फंड बनाने का प्रावधान हो सकता है.
इसमें कहा गया है कि पीएमजेएवाई के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण एक नोडल एजेंसी है. इसका देशभर में 21,000 अस्पतालों के साथ करार है, इसलिए सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों के लिए बनाई जाने वाली कैशलेस उपचार योजना को लागू करने का जिम्मा इसका होगा.
परिवहन मंत्रालय के अनुसार, भारत में हर साल 1.5 लाख लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो जाती है. औसतन, हर रोज 1200 लोग सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं, जिनमें से 400 के करीब लोगों की मौत हो जाती है.

