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सरकारी अस्पताल ने खून की कमी बताकर महिला की डिलीवरी से किया इनकार, निजी क्लीनिक में हुई नॉर्मल डिलीवरी

by bnnbharat.com
October 15, 2020
in समाचार
सरकारी अस्पताल ने खून की कमी बताकर महिला की डिलीवरी से किया इनकार, निजी क्लीनिक में हुई नॉर्मल डिलीवरी
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जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई : अयुब खान

चंदवा: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार रात्री करीब 9 बजे डिलीवरी कराने गई गर्भवती महिला को चिकित्सक ने यह कहते हुए लातेहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया कि उसके शरीर में 6 ग्राम रक्त है. हीमोग्लोबिन की कमी है तथा डिलीवरी में जच्चा बच्चा की जान को खतरा है, उसकी गुरुवार को शुबह चंदवा में ही निजी क्लीनिक में नॉर्मल डिलीवरी से लड़की का जन्म हुआ है, जच्चा स्वस्थ्य हैं, बच्ची चार किलो ग्राम है बताई जाती है.

परिजन लातेहार सदर अस्पताल न लेजाकर बुधवार को ही देर रात प्राईवेट क्लीनीक में भर्ती कराया था, माकपा के वरिष्ठ नेता सह लोकसभा प्रत्याशी अयुब खान ने एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा है कि गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी करवाने में सरकारी अस्पताल की ओर से आनाकानी करना और उन्हें लातेहार सदर अस्पताल और रिम्स रांची रेफर कर अपनी जिम्मेदारियों से बचने का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा, यह गर्भवती महिला आरती देवी पति अनिल गंझु ग्राम कामता की टोला परसाही का रहने वाली है.

वहीं गोपी गंझु ने प्रसूति गृह में उपस्थित अस्पताल के नर्स से विनती कर बोले कि मेरे पास एक भी पैसा नहीं है कि बाहर ले जाकर डिलीवरी करा सकूं, उन्होंने यहीं डिलीवरी करवाने की गुहार लगाई, लेकिन इसका भी असर अस्पताल के नर्सों पर नहीं पड़ा.

उन्होंने कहा कि इससे सीएचसी के प्रसूति गृह की चिकित्सकीय व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया हैं. आगे कहा कि निजी अस्पताल में जब उसकी नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है तो उसे सीएचसी के प्रसूती गृह मे नॉर्मल डिलीवरी क्यों नहीं करवाई गई, उसे लातेहार क्यों भेजा गया, महिला की हालत इतनी खराब थी कि उसे लातेहार सदर अस्पताल रेफर करना पड़ा तो फिर चंदवा में नॉर्मल डिलीवरी कैसे हुई, गरीब व असहाय महिलाओं को खतरा बताकर यहां डिलीवरी से इनकार कर दिया जाता है, यह अस्पताल की अमानवीयता है, प्रसूति गृह सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार हैं.

स्वास्थ्य विभाग का आदेश है कि गरीब व असहाय महिलाओं का प्राथमिकता पर संस्थागत प्रसव करवाया जाए यानी डिलीवरी पाइंट पर ही डिलीवरी करवाएं, पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवा चरमराई हुई है.

सीएचसी में जिसका ईलाज हो सकता है जिस महिला की नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है. वैसे मरीजों को जानबूझकर कर रेफर कर परिजनों को परेशान किया जा रहा है, इस घटना ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है. अयुब खान ने उपायुक्त अबु इमरान से स्वास्थ्य सुविधा बेहतर कराने की मांग की है.

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