सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी : तीन वर्षों में 8792 लाभार्थियों को बांटे 75.76 करोड़
रांची:- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार जनजातीय समुदाय को उद्यमी बनाने और उन्हें व्यापार-कारोबार से जोड़ने का सतत प्रयास कर रही हैद्य जनजातीय समूह के युवाओं को परिवहन सेवाओं से जुड़ने के लिए सरकार प्रोत्साहित कर रही है और आदिवासी युवा इन गतिविधियों से जुड़ने में पर्याप्त रूचि भी दिखा रहे हैंद्य राज्यसभा में गुरुवार को सांसद महेश पोद्दार के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए जनजातीय कार्य राज्यमंत्री रेणुका सिंह सरुता ने यह जानकारी दीद्य
मंत्री सरुता ने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम (छैज्थ्क्ब्) अपनी कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से योग्य अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को किसी भी आय सृजन गतिविधियों अथवा स्व रोजगार के लिए रियायती ऋण प्रदान करता हैद्य परिवहन अथवा वाणिज्यिक (कमर्शियल) वाहनों को खरीदने के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण प्रदान करना भी इन गतिविधियों में शामिल है.
उन्होंने बताया कि एनएसटीएफडीसी द्वारा परिवहन क्षेत्र से सम्बंधित व्यवसाय के लिए वर्ष 2017-18 में 448 लाभार्थियों के बीच 33.01 करोड़, वर्ष 2018-19 में 375 लाभार्थियों के बीच 19.66 करोड़ और वर्ष 2019-20 में 7969 लाभार्थियों के बीच 23.10 करोड़ यानि विगत तीन वर्षों में 8792 लाभार्थियों के बीच 75.76 करोड़ की राशि वितरित की गयी है.
श्री पोद्दार ने कहा कि कुछ दिनों पूर्व ही उन्होंने जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुण्डा को पत्र लिखकर आदिवासी युवाओं को ओला, उबर आदि ओपन सोर्स परिवहन सेवाओं से जोड़ने के लिए इन कंपनियों के साथ समन्वय बनाने का आग्रह किया हैद्य साथ ही, इन कंपनियों से जुड़कर ओपन सोर्स परिवहन सेवा के क्षेत्र में व्यवसाय के इच्छुक आदिवासी युवाओं को ऋण एवं अनुदान पर वाहन खरीदने को प्रोत्साहित करने की पहल का आग्रह किया हैद्य श्री मुण्डा ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए पत्र का प्रत्युत्तर दिया है और उम्मीद है कि शीघ्र ही इस दिशा में बड़ी पहल होगी और बड़ी संख्या में झारखण्ड के युवा ओला,उबर जैसी ओपन सोर्स परिवहन सेवा से जुड़ेंगेद्य.
