रांची: शहर के जोखी राम धर्मशाला में किसान समन्वय संघर्ष समिति की ओर से आयोजित किसान कन्वेंशन, किसान समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक महेंद्र पाठक ,प्रमोद साहू ,सुरजीत कुमार सिन्हा, राजेंद्र गोप की अध्यक्षता में संपन्न हुई.
कन्वेंशन में मुख्य रूप से झारखंड के किसानों की समस्याओं को लेकर जन आंदोलन को तेज करने, किसान संगठनों को मजबूत करने, केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विरोध में जन आंदोलन को विकसित करने का निर्णय लिया गया.
कन्वेंशन में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार लगातार किसानों को ठग रही है.
उन्होंने कहा कि लगातार दो बजटो से मोदी सरकार किसानों के आमदनी दोगुना करने की बात कर रही है.
लेकिन लगातार किसानों की बजट को घटा रही है. तो दूसरी तरफ किसानों की उपज को बाजार सरकार उपलब्ध नहीं करा रही है.
लगातार किसानी घाटे का व्यापार बनते जा रहा, इसीलिए किसानों के समस्याओं के समाधान करने के लिए झारखंड सरकार अपने किए वादे को पूरा करें.
कन्वेंशन में अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह मुंडा, उपाध्यक्ष सुफल महतो, धनेश्वर तुरी, शाहिद अंसारी, राजेंद्र यादव, के डी सिंह, जीव लाल महतो, रुचिर कुमार तिवारी, प्रमोद साहू आदि कई लोगों ने संबोधित किया.
कन्वेंशन में कई प्रस्ताव पेश किए गए, राज्य में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लागू किया जाए. 60 वर्ष उम्र के किसानों, दस्त कारों, जोत कारों, महिलाओं एवं पुरुषों को ₹10000 मासिक पेंशन दिया जाए.
गैरमजरूआ खास की बंद पड़ी रसीद को चालू कराया जाए
वनाधिकार कानून 2006 को लागू किया जाए. काम की अधिकार कानून बनाया जाए, किसानों की कर्ज मांग की जाए. बगैर ब्याज के किसानों के ऋण मुहैया कराए जाएं. किसानों से ली गई जमीन में लगे उद्योगों एवं कारखानों में 20% का शेयर दिया जाए, मनरेगा में 300 दिन की काम की गारंटी की जाए, कृषि कार्य के लिए सस्ते दर पर बिजली मुहैया कराई जाए आदि कई प्रस्ताव पास किए गए.
रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो में आलू की फसल को हुए नुकसान की भरपाई की जाए, पलामू जिले में ओलावृष्टि से हुए फसल के नुकसान की भरपाई की जाए आदि मांगों को लेकर जन आंदोलन को तेज करने की अपील की गई.
सरकार अगर किसानों के समस्याओं के समाधान करने में विफल होती है. किसान समन्वय संघर्ष समिति आने वाले दिनों में बड़ी लड़ाई लड़ेगी, इसकी तैयारी को लेकर 20 मार्च तक जिलों में बैठक की जाएगी. 20 अप्रैल तक सभी जिलों में किसान सेमिनार का आयोजन किया जाएगा. 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सभी प्रखंडों में धरना प्रदर्शन जुलूस आदि किए जाएंगे. 15 मई से राज्य के सभी प्रमंडलो में किसान जन जागरण यात्रा निकाली जाएगी.
10 जून को रांची में किसानों का पैदल मार्च किया जाएगा इस तरह के आंदोलनों के रणनीति बनाकर झारखंड के किसानों को गोलबंद कर जन आंदोलन को विकसित किया जाएगा.
कन्वेंशन में राजेंद्र प्रसाद यादव, उमेश नजीर, फरजाना फारुकी, मोहम्मद कलीम आदी कई लोग मौजूद थे.

