ब्यूरो चीफ
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के 400 अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को मुफ्त में कोचिंग की सुविधा प्रदान करेगी. कल्याण विभाग की तरफ से इसका निर्णय लिया गया है.
बच्चों के विशेष कोचिंग के लिए पांच करोड़ रुपये प्रत्येक वर्ष खर्च किये जायेंगे. विभागीय सचिव हिमानी पांडेय ने कल्याण विभाग के आवासीय विद्यालयों, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और आश्रम विद्यालयों से बच्चों का चयन करने का निर्देश दिया है.
राज्य की बेहतर कोचिंग संस्था जो इंजीनियरिंग के लिए ज्वाइंट इंट्रेंस एग्जाम (जेईई) की तैयारी कराती है, उसका चयन कर बच्चों को मुफ्त कोचिंग दी जायेगी. इसी तरह मेडिकल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली नेशनल इंट्रेंस एग्जामिनेशन टेस्ट (नीट) के लिए भी मेधावी बच्चों का चयन किया जायेगा.
राज्य भर में कल्याण विभाग द्वारा संचालित ऐसे 69 विद्यालय हैं. इन विद्यालयों में कक्षा नौंवीं और दसवीं में पढ़ रहे 45 सौ बच्चे और 11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ रहे 13 सौ बच्चों में से चार सौ बच्चों का चयन राज्य स्तरीय परीक्षा के माध्यम से किया जायेगा.
सरकार का मानना है कि कल्याण विभाग की तरफ से संचालित विद्यालयों के बच्चे जेईई और नीट की परीक्षा में सफल नहीं हो पा रहे हैं. इनका प्रदर्शन 10वीं और 12वीं की परीक्षा में बेहतर रहा है. इन्हें विशेष कोचिंग देने की आवश्यकता महसूस करते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है.

