BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

डिजिटल बुक्स और लर्निंग मेटेरियल उपलब्ध करा रही सरकार, बच्चे भी ले रहे भरपूर रूचि

by bnnbharat.com
February 12, 2021
in समाचार
राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने JMM व कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- आंदोलन का चोला और सेंटीमेंट की डील

Rajya Sabha MP Mahesh Poddar targeted the JMM and the Congress, said - the movement's deal and sentiment deal

Share on FacebookShare on Twitter

राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी  

रांची: कोरोना संकट के दौरान उत्पन्न हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखकर भारत सरकार मुद्रित पाठ्यपुस्तकों के समानांतर डिजिटल पाठ्यपुस्तकों को भी बढ़ावा दे रही है. ऑडियो, वीडियो, संवाद, आदि सहित बड़ी संख्या में डिजिटल सामग्री को एनर्जाइज्ड किताबों के साथ जोड़ा गया है.ई-सामग्री की विविधता वाली डिजिटल पुस्तकों से बच्चों को सीखने में आसानी हो रही है तथा लॉकडाउन के दौरान डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करायी गयी पाठ्य सामग्री का विद्यार्थियों ने भरपूर उपयोग भी किया हैद्य राज्यसभा में सांसद  महेश पोद्दार के प्रश्न का उत्तर देते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने यह जानकारी दी.

मंत्री निशंक ने बताया कि बताया कि एनसीईआरटी की सभी पाठ्यपुस्तकें डिजिटल पोर्टल-  पर अपलोड की गई हैं. एनसीईआरटी ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर स्कूल की पाठ्यपुस्तकों और ई-सामग्री के डिजिटल अभिलेखागार के रूप में ‘स्कूल शिक्षा हेतु डिजिटल अवसंरचना (दीक्षा)’ पोर्टल भी बनाया है. एनसीईआरटी और राज्य बोर्डों द्वारा तैयार की गई 3500 डिजिटल पाठ्यपुस्तकों को मुफ्त उपयोग के लिए दीक्षा पोर्टल पर अपलोड किया गया है.है. दीक्षा में 14 दिसंबर, 2020 तक 18.5 बिलियन सेशन, 13.8 बिलियन पेज हिट्स और 15.9 बिलियन लर्निंग मिनट दर्ज किए गए है, जो इसके बढ़ते उपयोग का सूचक है.

उन्होंने स्वीकार किया कि ऑनलाइन शिक्षा में डिजिटल उपकरणों और सामग्री के उपयोग का विस्तार किए जाने के बावजूद, अभी भी बच्चों का एक ऐसा बड़ा वर्ग है, जिनकी पहुंच डिजिटल पाठ्यपुस्तकों तक नहीं है. मुद्रित पाठ्यपुस्तकें अभी भी छात्रों और शिक्षकों के लिए एक उपयोगी माध्यम बनी हुई हैं. इसके अलावा, सरकारी- सरकारी सहायता प्राप्त-स्थानीय निकाय के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को मुद्रित पाठ्यपुस्तकें मुफ्त दी जाती हैं,क्योंसकि निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 के तहत यह सभी बच्चों का हक है. हालांकि सीबीएसई के संबद्ध स्कूलों के अधिकांश छात्रों को डिजिटल पाठ्यपुस्तकों का उपयोग करना आसान लगता हैद्य

समग्र शिक्षा के तहत सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) कंपोनेंट में इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ स्कूलों में एक कंप्यूटर लैब स्थापित करने का प्रावधान है. पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तक सामग्री ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराने के अलावा, एनसीईआरटी द्वारा पाठ्यपुस्तकों का पुनः मुद्रण किया जाता है और उन्हेंध पूरे भारत में इसके अधिकृत डीलरों के माध्यम से हार्ड कॉपी के रूप में बेचा जाता है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

रेसकोर्स रोड अब लोक कल्याण मार्ग है, इसीलिये बजट का लक्ष्य अन्त्योदय है : महेश पोद्दार

Next Post

भारतीय टीएमटी रिबार में टाटा टिस्कॉन ने लीडर के रूप में पूरे किए 20 साल

Next Post
भारतीय टीएमटी रिबार में टाटा टिस्कॉन ने लीडर के रूप में पूरे किए 20 साल

भारतीय टीएमटी रिबार में टाटा टिस्कॉन ने लीडर के रूप में पूरे किए 20 साल

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d