नई दिल्ली: कांग्रेस ने 12 करोड़ लोगों का रोजगार बचाने के लिए केंद्र सरकार से तत्काल विशेष वित्तीय पैकेज देने की मांग की है. इसमें एमएसएमई सेक्टर के लिए दो लाख करोड़ के राहत सहायता पैकेज में देरी न किए जाने की बात उठाते हुए पार्टी ने कहा है कि अकेले 11 करोड़ लोगों का रोजगार इस सेक्टर में दांव पर है.
पूर्व वित्तमंत्री कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा है कि सरकार की ओर से मदद नहीं दी गई तो प्राइवेट सेक्टर को बड़ी संख्या में नौकरियों की कटौती करने को मजबूर होना पड़ेगा और करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन जाएगी.
कांग्रेस की ओर से आधिकारिक वीडियो प्रेस कांफ्रेंसिंग करते हुए चिदंबरम ने आगाह किया कि सरकार के पास भले समय हो मगर एमएसएमई इंतजार नहीं कर सकते. सरकार से संभावित मदद के आधार पर वे अपने कारोबार और कर्मचारियों के वेतन भुगतान आदि पर भविष्य की राह तय करेंगे. इसीलिए सरकार को तत्काल एमएसएमई क्षेत्र के लिए साहसिक फैसला लेते हुए पैकेज घोषित करना चाहिए.
एमएसएमई को संकट से बचाने के लिए प्रधानमंत्री को दिए गए कांग्रेस के सुझावों का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा कि काफी चिंतन-मनन के बाद यह ठोस प्रस्ताव सुझाया गया है. सरकार फिलहाल इनमें से एक लाख करोड़ रुपये के वेतन सुरक्षा पैकेज और एक लाख करोड़ रुपये के कर्ज गारंटी कोष की स्थापना के दो सुझावों को ही मान ले तो एमएसएमई संकट से उबर सकते हैं. क्योंकि वेतन देने और कारोबार के लिए बैंकों से कर्ज लेने में मदद मिलेगी.
चिदंबरम ने कहा कि एमएसएमई व्यवसाय की अप्रैल महीने में कोई सेल नहीं हुई और उनके विक्रेताओं के पैसे भी अटक गए हैं. अधिकांश प्राईवेट सेक्टर को मौद्रिक लिक्विडिटी के मोर्चे पर बहुत बड़ा झटका लगा है. अनिश्चितता के दौर में वे अपना व्यवसाय कैसे चला पाएंगे, इसको लेकर वे असमंजस में हैं. ऐसे में सरकार ने देरी की तो प्राइवेट सेक्टर को बड़ी संख्या में नौकरियों की कटौती करने को मजबूर होना पड़ेगा और करोड़ों लोगों की रोजी रोटी खत्म हो जाएगी.

