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अपनी व्यवस्था से आए हजारों प्रवासी श्रमिकों व नागरिकों की सुध ले सरकार: डॉ. लंबोदर महतो

by bnnbharat.com
May 21, 2020
in समाचार
अपनी व्यवस्था से आए हजारों प्रवासी श्रमिकों व नागरिकों की सुध ले सरकार: डॉ. लंबोदर महतो
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रांची: आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव  व गोमिया विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार से देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में अपनी व्यवस्था से अपने-अपने घर लौट रहे प्रवासी श्रमिकों  की अनदेखी नहीं कर ध्यान देने और कोरोना जांच व कोरेन्टीन सेंटर में भोजन, पानी एवं उचित प्रकाश की व्यवस्था करने का आग्रह किया है.

उन्होंने कहा कि बाहर से  प्रवासी श्रमिक व नागरिक  अपनी व्यवस्था से बस, ट्रक, कंटेनर व अन्य छोटे-छोटे वाहनों से आकर सीधे अपने गांव घर जा रहे हैं. ऐसे लोगों को ना तो रोका जा रहा है ना तो टोका जा रहा है और ना ही कोरोना जांच हो रही है. जबकि आने वाले लोग रेड जोन से भी आ रहे हैं. यह आसानी से देखा जा रहा है.

ऐसे प्रवासी श्रमिकों व नागरिकों की व्यथा, कथा और दशा प्रशासनिक स्तर पर जानने की कोई कोशिश भी नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो प्रवासी श्रमिक सरकारी व्यवस्था से आ रहे हैं या ट्रेनों के माध्यम से आ रहे हैं. ऐसे लोगों का रिकॉर्ड तो सरकार के पास है और इन्हें सरकारी सेवा और सुविधा प्राप्त हो रही है.

मगर ऐसे हजारों प्रवासी श्रमिक व नागरिक हैं, जो अपनी व्यवस्था से आए हैं, उन सब का सरकार के पास ना तो कोई रिकॉर्ड है ना तो कोई हिसाब किताब है और ना उन्हें सरकारी सेवा और सुविधा का कोई लाभ मिल पा रहा है. ऐसे लोग भले ही अपने गांव घर आ गए हैं लेकिन इन्हें घर तो दूर गांव से बाहर रहना पड़ रहा है. आए लोगों को गांव वाले गांव से बाहर रहने पर मजबूर कर रहे हैं.

गांव में प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है. यह यह लोग स्कूल, समुदायिक केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, खेत खलिहान में टेंट लगाकर, नदी के किनारे पेड़ की छांव में व अन्य व्यवस्था कर रहने को विवश हैं. ऐसे लोग  दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में जी रहे हैं.  ना तो राशन की सुविधा मिल रही है और ना ही पानी. गांव घर के लोग अपने-अपने घर से भोजन पहुंचा रहे हैं.

कहीं-कहीं तो इसका भी अभाव बना हुआ है. उन्होंने उदाहरण स्वरूप बताया कि चतरो चट्टी थाना क्षेत्र के सात पंचायतों में लौटे प्रवासी श्रमिक जिनकी संख्या हजारों में है. घर से बाहर खुले आकाश के नीचे  रहना पड़ रहा है. इन सबों के बीच कोई राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराया गया है. ऐसे लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है और यह स्थिति कमोबेश राज्य भर में बनी हुई है.

विशेषकर ग्रामीण इलाकों का हाल बेहाल है. सरकारी मशीनरी इससे अनजान होकर बैठी हुई है. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जब मौसम का मिजाज बदला हुआ है बारिश के साथ व्रजपात हो रहा है. जंगली जानवर सांप बिच्छू निकल रहे हैं तो इस स्थिति में लोग किस तरह से रह रहे होंगे, यह आसानी से समझा जा सकता है.

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