दिल्ली: मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन को देखते हुए इस साल गर्मी की छुट्टियों में भी छात्रों को मिड-डे-मील दिया जाएगा. इसके लिए सरकार ने 16 सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है.
मानव संसाधन विकास मंत्री ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक की. इस दौरान निशंक ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान छात्रों को मिड-डे-मील के तहत राशन प्रदान किया जा रहा है, ताकि उन्हें पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिले. इस गर्मी की छुट्टी में भी छात्रों को मिड-डे-मील देने की मंजूरी दी गई है. इसपर 1600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा. इसके अतिरिक्त मिड-डे-मील योजना के तहत पहली तिमाही के लिए 25 सौ करोड़ रुपये का अस्थायी अनुदान जारी किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि जहां किसी कारण मिड डे मील नहीं दे पाएंगे वहां इसके बराबर खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की ओर से खड़ी की गई समस्या को देखते मिड-डे-मील के तहत खाना पकाने पर आने वाले खर्च के मद में केंद्रीय आबंटन (दाल, सब्जी, तेल, मसाला, ईंधन की खरीद के लिए) को 73 सौ करोड़ रुपये से बढ़ाकर 81 सौ करोड़ रुपये कर दिया गया है.
निशंक ने राज्यों से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करने और सीबीएसई को इस काम में मदद करने को कहा है. बैठक में मानव संसाधन विकास मंत्री ने राज्यों से कहा कि वे बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की प्रक्रिया शुरू करें. उन्होंने कहा कि राज्यों की अपने-अपने यहां छात्रों की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में सीबीएसई मदद करे.
स्कूलों में मिड-डे मील के मौजूदा नियमों के तहत गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को खाना नहीं दिया जाता है. हालांकि सूखे जैसी विशेष परिस्थितियों में इसे गर्मी की छुट्टियों में भी जारी रखने का प्रावधान है. कई राज्यों ने इसकी मांग भी की थी.

