दिल्ली: कोरोना वायरस संकट के दौरान बेरोजगार हुए कामगारों के लिए राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने कोरोना संकट के दौरान बेरोजगार हुए औद्योगिक कामगारों के लिए अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत राहत बढ़ाने के फैसले को अधिसूचित कर दिया है. इससे कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) में रजिस्टर्ड कामगारों को 50% अनएम्प्लॉयमेंट बेनिफिट मिलेगा. सरकार के इस फैसले से 40 लाख से ज्यादा कामगारों को फायदा होगा.
बता दें कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण देश में करीब 12 करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बेरोजगार हुए हैं. इनमें फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों की संख्या करीब 1.9 करोड़ है. सिर्फ जुलाई महीने में ही 50 लाख लोग बेरोजगार हुए हैं. ऐसे में फैक्ट्री में काम करने वाले जिन लोगों की कोरोना के कारण नौकरी गई है, उनके लिए राहत की खबर है.
सरकार ने नियमों को लचीला बनाते हुए यह तय किया है कि कोरोना संकट में नौकरी गंवा चुके औद्योगिक कामगारों को तीन महीने तक 50 फीसदी सैलरी अनएम्प्लॉयमेंट बेनिफिट के रूप में दिया जाएगा. यह फायदा उन कामगारों को मिलेगा जिनकी इस साल 24 मार्च से 31 दिसंबर के बीच नौकरी चली गई हो. सरकार के इस फैसले से अब महामारी के दौर में नौकरी गंवाने वालों को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा.
ESIC के कामगारों को यह सुविधा दी जाएगी. वे तीन महीने के लिए औसत सैलरी का 50 फीसदी क्लेम कर सकते हैं. पहले यह सीमा 25% थी. आपको बता दें कि अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना ESIC द्वारा संचालित योजना है.
इस योजना को 1 जुलाई, 2020 से एक साल के लिए बढ़ाया गया है और यह 30 जून, 2021 तक प्रभावी रहेगी. हालांकि 1 जनवरी, 2021 से इसके मूल प्रावधान बहाल हो जाएंगे. इस योजना से 41,94,176 कामगारों को फायदा मिलेगा. इससे ESIC पर 6710.68 करोड़ रुपये को बोझ पड़ेगा. ESIC श्रम मंत्रालय के तहत आने वाला संगठन है जो 21,000 रुपये तक सैलरी पाने वाले लोगों को ESI स्कीम के तहत बीमा मुहैया करता है.

