रांची:- भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं. सरकार गठन के बाद ही मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेन्स की बात कही थी. इस परिपेक्ष्य में विगत एक वर्ष में ठोस निर्णय लिए गए. इस कड़ी में शनिवार को मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने जिला अवर निबंधक, देवघर राहुल चौबे के निलंबन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है. उनपर देवीपुर अंचल में 31 एकड़ जमीन के निबंधन में नियमों की अवहेलना करने के आरोप में कार्रवाई की गई है. दूसरी ओर, एक दिन पूर्व ही राजस्व कार्यों में अनियमितता, देवघर अंचल में पिछले एक साल में किए गए राजस्व संबंधी कार्यों की जांच समिति को सहयोग नहीं करना, बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनाधिकृत रूप से अपने कार्यालय एवं मुख्यालय से अनुपस्थित रहना, अपने कार्यों के प्रति लापरवाही, उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए आदेश की अवहेलना, कर्तव्यहीनता, आम जनों के प्रति असंवेदनशीलता एवं विधि व्यवस्था संधारण और आम जनों के कार्यों के निष्पादन में लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री ने अंचल अधिकारी, देवघर अनिल कुमार सिंह के निलंबन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है.
आईपीएस अधिकारी पर कार्रवाई, भ्रष्टाचार पर अनदेखी नहीं
मुख्यमंत्री ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी अनुराग गुप्ता (संप्रति निलंबित) के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 एवं 13 (1) (d) और 13 (2) सह पठित भारतीय दंड विधान की धारा 120 (b) के तहत गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं बुंडू प्रखंड के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी और वर्तमान में निलंबित ललन कुमार को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव पर सहमति दी .इसके अतिरिक्त उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग कार्यमंडल, सिमडेगा के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार को निलंबित करने के प्रस्ताव परअपनी सहमति दी. एसीबी की टीम ने कार्यपालक अभियंता को अपने आवास में संवेदक से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

