कर्मवीर,
रांचीः विपक्षी दलों का अब तक दिल मिल ही नहीं पाया है. महागठबंधन भी आकार नहीं ले पा रहा. बावजूद इसके विपक्षी दलों ने ताल ठोकना शुरू कर दिया है. शीट शेयरिंग की भी बात होने लगी है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव संथाल परगना में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में घोषणा कर दिया कि संताल में कुल छह सीटों पर पार्टी लड़ेगी. साथ पूरे प्रदेश में 35 सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा ठोंका. फिलहाल कांग्रेस के छह विधायक हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में 9 सीटों पर कांग्रेस दूसरे स्थान पर थी.
राजद ने भी 14 सीटों पर दावेदारी ठोकी
भारी टूट का सामना कर चुका राजद के अभी भी हौसले नहीं टूटे हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अभय सिंह ने स्पष्ट रुप से कहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा बड़ा भाई है. विधानसभा चुनाव भी हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लड़ना चाहते हैं. लेकिन खास बात यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव राजद का खाता भी नहीं खुला था, वह इस बार 14 सीटों पर अपना दावा ठोक रहा है. पिछले चुनाव में राजद ने देवघर, गोड्डा, कोडरमा, गढ़वा और मनिका समेत कुल 6 सीटों पर दूसरे स्थान पर रहा था. फिलहाल परिस्थिति अलग है. राजद के कद्दावर नेता अन्नपूर्णा देवा और गिरिनाथ सिंह भाजपा का दामन थाम चुके हैं. वर्तमान में अन्नपूर्णा देवी भाजपा से कोडरमा की सांसद हैं.
झामुमो ने अब तक नहीं खोला है अपना पत्ता
पिछले विधानसभा चुनाव में 19 सीट जितने वाली झामुमो ने अभी तक अपना पत्ता नहीं खोला है. वहीं झाविमो सुप्रीमो भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं. वाम दलों ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है. इधर झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत का मिलना भी अलग कहानी बयां कर रहा है. अब आने वाले समय में ही पता लगेगा कि महागठबंधन का सेप क्या होगा.

