विश्व का दूसरा सबसे बड़ा आबादी वाले देश भारत में सड़क पर लगने वाला जाम अब बहुत ही आम बात हो चुकी है। भारत में सड़कें जितनी तेजी से बन रही हैं, नई गाड़ियों के सड़क पर उतरने की गति उससे कहीं ज्यादा बढ़ गयी है। भयंकर जाम में फंसे होने के दौरान आपने लोगों ने भी कई बार सोचा होगा कि काश मेरे पास कोई ऐसी कार होती जो उड़ सके तो इस तरह जाम में फंसकर रेंगना न पड़ता। ऐसे में पिछले दिनों गुजरात में जब फ्लाइंग कार का प्लांट लगने की चर्चा चली तो लोगों की रुचि इसमें दिन प्रतिदिन बढती जा रही है । लेकिन क्या आपको पता हैं कि वर्तमान समय में कहां पर फ्लाइंग कारों का इस्तेमाल हो रहा है और ये कितनी सफल साबित हो रही हैं।
पिछले दिनों एक डच कंपनी PAL-V ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मिले थे । जहां कंपनी ने गुजरात में फ्लाइंग कारों का पहला प्लांट लगाने को लेकर गहन चर्चा की थी । PAL-V दुनिया की पहली कंपनी है जिसने फ्लाइंग कार की शुरुआत की है । दरअसल PAL-V कंपनी भारत में फ्लाइंग कार का प्लांट लगाकर पसमस्त एशिया में पांव पसारने के लिए इच्छुक है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने भी कंपनी के प्रस्ताव को हाथो हाथ लेते हुए काफी रूचि दिखाई है । उन्होंने PAL -V कंपनी के अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि अगर वह गुजरात में प्लांट शुरू करते हैं तो उन्हें जमीन से लेकर पानी बिजली, जैसी सभी सुविधाएं और सरकार की तरफ से सभी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
2020 तक ग्राहकों तक पहुचेगी कार-
कंपनी ने दिसंबर-2018 में इन कारों की बुकिंग शुरू कर दी थी । कंपनी अधिकारियों की माने तो वह 2020 तक अपने पहले ग्राहक को पहली फ्लाइंग कार उपलब्ध करा सकती है। इसीलिए कंपनी जल्द से जल्द अपना प्लांट का कार्य शुरू करना चाहती है गुजरात के मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद डच कंपनी PAL -V के अधिकारियों ने बताया था कि वह भारत के अन्य राज्यों में भी प्लांट के लिए सबसे अच्छे विकल्प की तलाश कर रहे हैं। कंपनी के आला अधिकारियों मानते है कि वर्ष 2040 तक विश्व भर में फ्लाइंग कार का बाजार डेढ़ ट्रिलियन डॉलर का हो जायेगा । कंपनी अधिकारियों के अनुसार फ्लाइंग कार का भविष्य उज्जवल है।

