नई दिल्ली: तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 25 वां दिन है. इस दौरान केंद्र सरकार किसानों को मनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही, लेकिन फिर भी किसान यूनियन अपनी मांगों पर अड़े हुए है. किसानों की मांग है कि नए कृषि कानूनों को पूरी तरह से रद्द किया जाए. कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच आज किसान नेताओं ने कहा है कि हरियाणा में किसी भी राजमार्ग पर टोल वसूली नहीं करने देंगे.
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाला ने बताया कि किसान 25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में सभी राजमार्गों पर टोल वसूली नहीं करने देंगे. संवाददाता सम्मेलन में किसान नेता राकेश टिकैत भी मौजूद थे. टिकैत ने कहा कि नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाएंगे. उन्होंने कहा, ”हम लोगों से अनुरोध करते हैं कि इस दिन वे दोपहर का भोजन न पकाएं”.
उधर 23 दिसंबर को किसान दिवस को लेकर किसान संगठनों ने अपील की है कि इस दिन देशभर के लोग एक दिन का उपवास रखें. 26 और 27 दिसंबर को किसान NDA में शामिल दलों के नेताओं से मिलकर उनसे अपील करेंगे कि वो सरकार पर दबाव डालें और तीनों कानून वापस करवाएं. ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे. अदाणी-अंबानी का बायकॉट जारी रहेगा. आढ़तियों पर छापेमारी के विरोध में किसान इनकम टैक्स ऑफिसों के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे.
दूसरी ओर किसान नेताओं ने रविवार को कुंडली बॉर्डर पर बैठक के बाद ऐलान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 दिसंबर को जितनी देर मन की बात करेंगे, किसान ताली-थाली बजाएंगे. वहीं, स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने देशभर में कृषि कानूनों का विरोध कर रहे लोगों से प्रदर्शन स्थलों पर एक दिन की भूख हड़ताल करने का आह्वान किया. उन्होंने सिंघू बॉर्डर पर संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘सोमवार को सभी प्रदर्शन स्थलों पर किसान एक दिन की क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे. इसकी शुरुआत यहां प्रदर्शन स्थलों पर 11 सदस्यों का एक दल करेगा.’

