रांची: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव सह हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह , पुलिस महानिदेशक एम भी राव, खान एवं भूतत्व सचिव सहित कई अधिकारियों को पत्र लिखकर हजारीबाग ,रामगढ़ जिले के रेलवे डंपिंग याड में हो रहे अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है.
मेहता ने अपने पत्र में लिखा है कि हजारीबाग के कटकमदाग कटकमसांडी में स्थानीय विधायक के मिलीभगत से कई तरह का कोयले का अवैध कारोबार हो रहा है. तो दूसरी तरफ रामगढ़ जिले के कुजू, बरकाकाना, भुरकुंडा, पतरातू, माइल, गोला के रेलवे साइडिंग में बगैर माइनिंग चालान के प्रतिदिन सैकड़ों गाड़ियों से कोयले एवं आयरन ओर की ढुलाई कारखानों तक हो रही है.
उक्त रेलवे साइड में प्रदूषण नियंत्रण की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है . प्रदूषण से कई गांव एवं बड़ी आबादी प्रभावित हो रहे हैं और हजारों एकड़ कृषि भूमि बर्बाद हो रही है. लेकिन वर्चस्व के सामने किसी को भी नहीं सुनी जा रही है . पूर्व में तत्कालीन सरकार के मुख्यमंत्री एवं प्रदूषण नियंत्रण परिषद के अध्यक्ष को भी पत्र लिखकर प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था करने की मांग की गई थी ,लेकिन सरकार रोक नहीं लगा सकी.
मेहता ने पत्र में लिखा है कि झारखंड मिनरल्स प्राइवेट of Legal meaning act 2017 की धज्जियां उड़ाई जा रही है . प्रत्येक महीना लगभग 200 गाड़ियां जिले में लाया जा रहा है ..बड़े कारोबारियों के द्वारा सस्ते दर पर कोयले को लाकर छोटे छोटे कारोबारियों को हाईवा के माध्यम से भेजा जा रहा है . उक्त गाड़ियों में बगैर कोई माइनिंग चालान के ए ट्रांसपोर्टिंग का कार्य बड़े माफियाओं ,अधिकारियों ,अपराधियों के मिलीभगत से हो रहा है.
रामगढ़ उपायुक्त के द्वारा टास्क फोर्स गठन कर गोला रेलवे साइडिंग में छापेमारी की गई , कई गाड़ियों को पकड़ा गया और पावर पैरवी और पैसे के बल पर कई गाड़ियों को छोड़ा गया. किसी पर कार्रवाई भी हुई . ब्रह्मपुत्र मैटालिक्स प्राइवेट लिमिटेड गोला. इनलैंड पावर प्लांट गोला. पर खनन के बराबर फाइन भी किया गया. परंतु जिले के सभी रेलवे साइडिंगो से उक्त कारखानों में भेजा जा रहा है. जिस रेट के माध्यम से कोयला मंगाया जा रहा है ,प्रति रैक 100 टन अवैध कोयला मंगाया जाता है. जिसमें कई लोगों के घालमेल है .
मेहता ने पत्र में लिखा है कि रेलवे साइडिंग में माफियाओं ,राजनीतिक दलों एवं अपराधियों के बीच वर्चस्व को लेकर कई बार खूनी संघर्ष भी हुए हैं और आगे भी संभावना बनी हुई है. अब कोयले की तस्करी का नया फंडा रैक के माध्यम से हो रहा है. जिले के बड़े-बड़े कोयला कारोबारी सहित ,कई तरह के लोग इस धंधे में संलिप्त हैं . इस तरह के अवैध कारोबार से रोजगार के अवसर तो कम हो ही रहा है.. राजस्व की भी चोरी बड़े पैमाने पर हो रही है.
इसीलिए मेहता ने झारखंड सरकार से मांग की है की अविलंब इस तरह के अवैध कारोबार पर रोक लगाएं ताकि अवैध कारोबार एवं खूनी संघर्ष से कोयलांचल को बचाया जा सके .

