हजारीबाग : स्थानीय नगर भवन में शुक्रवार को उपायुक्त भुवनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिले के डाडी प्रखण्ड में चल रहे विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आहूत की गई. मौके पर डाडी प्रखण्ड में चल रही विकास योजनाओं, मनरेगा संचालित योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रवासी मजूदर आदि की कार्यप्रगति एवं योजनाओं की स्वीकृति पर पंचायतवार समीक्षा की गई. मौके पर उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्रथमिकता है और इसके लिए सभी को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा. कार्यों में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने कहा कि मनरेगा अन्तर्गत बकरी पालन, मवेशी पालन, मत्स्य पालन, सोख्ता गड्ढा सहित विभिन्न विभागों की 16 योजनाएं संचालित हैं। उन्होंने अगले दो दिनों में प्रत्येक गांव से दो कैटल शेड का चयन कर प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया। साथ ही अगले 24 घण्टे के अंदर प्रखण्ड के सभी पंचायतों में 5 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत कर प्रतिवेदित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को 60ः40 अनुपात के आधार पर 14वें वित्त के राशि से पूर्ण किया जाएगा यदि 14वें वित्त के फंड की राशि शून्य हो जाती है तो डीएमएफटी के माध्यम से राशि की पूर्ति की जाएगी.
मौके पर प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में निर्धारित लक्ष्य 344 के विरूद्ध मात्र 4 लाभूकों का पंजीकरण एवं जियो टैग पर उपायुक्त ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को सभी पंचायत सचिव एवं प्रखण्ड समन्व्यक से समन्वय स्थापित करते हुए एक सप्ताह के में लक्ष्य के अनुरूप पंजीकरण एवं जियो टैग करने का निर्देश दिया। साथ ही पूर्व से संचालित वित्ताीय वर्ष 2016-17 से 2018-19 के लंबित 24 आवासों एवं 2019-20 के 209 लंबित आवासों को यथाशीघ्र पूर्ण कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया। वहीं उपायुक्त ने आवास प्लस अन्तर्गत एसईसीसी डाटा में छुटे हुए योग्य लाभूकों का आधार प्रविष्टि यथाशीर्घ करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने अगले 120 दिनों में सभी आवास का शतप्रतिशत कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रखण्ड समन्वयक पर कार्य में लापरवाही बरतने के कारण 5 हजार रूपये का फाईन लगाने का निर्देश दिया.
वहीं मनरेगा के समीक्षा के दौरान बताया गया कि 25 गांव में खेल मैदान के लक्ष्य पर मात्र 1 खेल मैदान का चयन किया गया है। वहीं 863 योजनाओं के विरूद्ध मात्र 422 योजनाओं का जियो टैग किया गया है तथा 1213 प्रवासी मजूदरांे में मात्र 464 प्रवासी मजूदरांे का कार्य आंटित किया गया। साथ ही जल संचयन को लेकर प्रखण्ड के प्रत्येक गांव में 5 टीसीबी निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 21 टीसीबी का चयन किया गया जबकि रबोध, हुवाग, हेसालौंग में एक भी टीसीबी निर्माण का चयन नहीं किया गया। उपायुक्त ने संबंधितों को कड़ी फटकार लगाई तथा मनरेगा बीपीओ पर 12 हजार रूपये का फाईन लगाने का निर्देश दिया। मौके पर उप विकास आयुक्त ने प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को सभी पंचायतों के मुखिया व अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं के चयन, क्रियान्वयन व लंबित योजनाओं को यथाशीघ्र पूर्ण करने की बात कही.
मौके पर उप विकास आयुक्त, डाडी बीडीओ, डीपीओ मनरेगा, बीपीओ, बीसी, मुखिया, पंचायत सचिव सहित कई मौजूद थे.

