रांची: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता प्लाज्मा थेरेपी प्रक्रिया के उद्घाटन के बाद जब रिम्स में पत्रकारों से बात कर रहे थे तो उन्हें पता चला कि सदर अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया और सदर अस्पताल का निरीक्षण किया.
गंदगी देख भड़के मंत्री, सिविल सर्जन को दिया सफाई का निर्देश
जब स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता सदर अस्पताल पहुंचे तो वहां गन्दगी को देख भड़क गए और सिविल सर्जन से कारण पूछा, साथ ही उन्होंने तुरंत सफाई करने का निर्देश जारी करते हुए संबंधित सफाई के वेंडर से जवाब तलब कर पूरा रिपोर्ट मांगा.
सुरक्षा व्यवस्था से हुए नाखुश, सुरक्षा को दुरुस्त करने का निर्देश दिया
मंत्री बन्ना गुप्ता जब सदर अस्पताल आये तो देखा सुरक्षा गार्ड नही हैं, लोग बेवजह घूम रहे हैं, वे सुरक्षा व्यवस्था से नाराज दिखे और सुरक्षा प्रभारी को व्यवस्था दुरुस्त करने के आवश्यक निर्देश दिए, साथ ही उन्होंने व्यवस्था के ऊपर सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी.
अस्पताल परिसर के सड़कों को बनाने के लिए मांगा प्रस्ताव
मंत्री बन्ना गुप्ता ने सिविल सर्जन और डीडीसी से अस्पताल परिसर के जजर्र हालात के बारे में पूछा तो पता चला कि भवन निर्माण विभाग के द्वारा ही सड़क निर्माण का कार्य किया जाएगा, उन्होंने डीडीसी रांची और सिविल सर्जन रांची को प्रस्ताव बना कर संबंधित विभाग भेजने की बात कही.
15 दिनों में व्यवस्था दुरुस्त करें सिविल सर्जन
मंत्री बन्ना गुप्ता ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सदर अस्पताल की अव्यवस्था को 15 दिनों के भीतर दुरुस्त करें, जो भी कमी या खामियां हैं उसे चिह्नित कर विभाग को भेजे, उन्होंने कहा कि इलाज, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
आंदोलनरत स्वास्थ्य कर्मियों से की विभिन्न मुद्दों पर बात, सहमति बनाकर विवाद सुलझाया
मंत्री बन्ना गुप्ता आंदोलनरत स्वास्थ्य कर्मियों से मिले और उनकी बातों को गंभीरता पूर्वक सुना. उन्होंने 5 सदस्यीय प्रतिनिधियों से वार्ता को सुलझाया.
वार्ता के बाद निम्न बातों पर सहमति बनी
1) स्वास्थ्य कर्मियों की मांग थी कि सैम्पल कलेक्शन के लिए उन्हें सैम्पल बूथ के अलावे अलग वाहन मुहैया कराई जाए.
स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन रांची और डीडीसी रांची को निर्देश देकर 10 अलग गाड़ी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
2) स्वास्थ्य कर्मियों की मांग थी कि अल्टरनेटिव डे के हिसाब से उन्हें छुट्टी मिले.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस समय कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा हैं इसलिए अभी ये संभव नहीं हैं क्योंकि मैनपॉवर की भी कमी हैं और जिम्मेदारी भी बड़ी हैं.उनके आग्रह पर स्वास्थ्य कर्मी 4 दिन के बाद एक दिन की छुट्टी पर सहमत हुए.
3) कार्य में दूर रहने या व्यस्त रहने के कारण भोजन में देरी संबंधित असुविधा की जानकारी दी.
स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सहूलियत के हिसाब से कोई बेहतर व्यवस्था के माध्यम से उनके भोजन की समस्या को दूर करें.
4) इंसेंटिव की मांग स्वास्थ्य कर्मियों ने रखी.
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने NRHM के निदेशक रवि शंकर शुक्ला को फोन पर निर्देश दिया कि अन्य राज्यों में जो भी सुविधाएं और प्रयास किये जा रहे हैं उसकी समीक्षा कर एक प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजें वे खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मुद्दे को लेकर बात करेंगे.
वार्ता करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री के मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली कि ये लोग कुछ मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं मैं तुरंत यहां पहुंचा.
इनकी मांगे जायज है, कोरोना काल मे इनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है. इसलिए कुछ मांग तुरंत मान ली गई हैं, जबकि कुछ नीतिगत फैसले हैं जिन्हें वे सरकार के स्तर पर रखेंगे.

