स्वास्थ्यमंत्री ने कहा -संक्रमण काल में केंद्र से मिली सहायता ऊंट के मुंह में जीरा के सामान
रांची: झारखंड में कोविड महामारी के दौरान काम करने वाले हेल्थवर्कर्स को एक महीने का अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा. इसकी घोषणा शुक्रवार को हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता ने विधानसभा में की.
स्वास्थ्य मंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के अमर कुमार बाउरी के एक सवाल के जवाब में कहा कि सभी को चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है. वे कोरोना संक्रमण में शहीद होने वाले योद्धाओं का ह्रदय से आभार व्यक्त करते है और सरकार ऐसे योद्धाओं को चिह्नित कर एक महीने का अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि जान जोखिम में डाल कर सेवा करने वाले कोरोना योद्धाओं का सरकार सम्मान करती है.
स्वास्थ्य मंत्री ने बीजेपी के ही विधायक राज सिन्हा के एक सवाल के जवाब में वर्ष 2020 में कोविड-19 का संकट था और वर्त्तमान में भी यह चुनौती बनी हुई है.उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट की रोकथाम और दूसरे कार्यां के लिए केंद्र सरकार के स्तर से राज्य सरकार को आर्थिक तौर पर और अन्य सहायता उपलब्ध करायी गयी. बन्ना गुप्ता ने कहा कि कोरोना संकट से उबरने के लिए पीएम केयर फंड से वेंटिलेटर, थर्मल स्कैनर किट, फेस मास्क और अन्य सामग्रियां उपलब्ध करायी गयी या इसके लिए आर्थिक सहयोग केंद्र से दिया गया. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा निर्देशित एजेंसियों, ंसस्थानों से मेडिकल उपकरणों की खरीद की गयी और इसका उपयोग किया जा रहा है और भविष्य में भी आवश्यकतानुसार क्रय किया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री के इस उत्तर पर राज सिन्हा ने कहा कि एक ओर सदन में राज्य सरकार की ओर से यह जवाब दिया जाता है कि कोरोना संकटकाल में केंद्र सरकार से सहायता मिली, वहीं बाहर में कुछ अलग बात की जाती है, इसलिए राज्य सरकार को बाहर में भी इसे स्वीकार करना चाहिए. इस पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार इमानदारी की बुनियाद पर टिकी है, इसलिए केंद्र से मिली सहायता का जिक्र अपने जवाब में किया, लेकिन यह भी सच्चाई है कि केंद्र सरकार से कोरोना संकट काल में मिली सहायता ऊंट के मुंह में जीरा के सामान है, लेकिन राज्य सरकार सभी के साथ मिलकर कोरोना को हराने का काम करेगी.

