रांची:दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर आज यानि 12 फरवरी को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. इस मामले में लालू प्रसाद को cbi कोर्ट ने दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनाई है. सजा की आधी अवधि काट लेने के आधार पर लालू प्रसाद ने जमानत देने का आग्रह हाईकोर्ट से किया है. अगर आज को लालू प्रसाद को जमानत मिलती है तो वो जेल से बाहर आ जाएंगे.
4 में से 3 मामलों में मिल चुकी है जमानत
चारा घोटाले के 5 मामले लालू प्रसाद के खिलाफ चल रहे हैं. 4 मामलों में उन्हें सजा मिली है. 3 मामलों में लालू प्रसाद को पहले ही जमानत मिल गई है. एक मामले में अभी सीबीआई कोर्ट में सुनवाई जारी है. लालू प्रसाद की ओर से याचिका में कहा गया है कि जेल में वो 42 माहीने 28 दिनों की हिरासत की अवधि पूरी कर ली है.
सीबीआई के मुताबिक आधी सजा पूरी नहीं हुई
सीबीआई ने लालू प्रसाद की जमानत का विरोध किया है. सीबीआई के मुताबिक लालू प्रसाद की आधी सजा अभी पूरी नहीं हुई है. इस कारण उन्हें जमानत नहीं मिल सकती है. पिछली सुनवाई में अदालत ने लालू प्रसाद को आधी सजा पूरी करने का दस्तावेज पेश करने को कहा था. लालू प्रसाद ने इसके लिए समय की मांग की थी. इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की.
25 साल से चल रहा चारा घोटाला मामला
लालू प्रसाद को चारा घोटाले के नियमित मामले rc 20a/96 में 5 वर्ष की सजा सुनाई गई. 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया. देवघर कोषागार से जुड़े rc 64a/96 में साढ़े 3 वर्ष की सजा सुनाई गई, जबकि 5 लाख रुपए का जुर्माना लगा. चाईबासा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले rc 68a/96 में 5 साल की सजा सुनाई गई. 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया. दुमका कोषागार से जुड़े मामले में 7-7 वर्ष की सजा सुनाई गई. डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले की सुनवाई चल रही है.
चारा घोटाला उस समय सुर्खियों में आया जब पश्चिमी सिंहभूम जिले (चाईबासा) के तत्कालीन उपायुक्त अमित खरे ने 27 जनवरी 1996 को उजागर किया. बिहार पुलिस ने इस पर केस दर्ज किया और जांच आगे बढ़ाई तो इसके तार लालू प्रसाद यादव और दूसरे लोगों से जुड़े. बाद में सीबीआई ने इस केस की जांच शुरू की, जो पिछले 25 वर्षों से चल रहा है.

