रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मर्यादा का पालन करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सह वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डा रामेश्वर उरांव ने लॉकडाउन में केंद्र सरकार के सभी आदेशों का अक्षरशः पालन करने का निर्णय लिया है, यह एक स्वागत योग्य और न्यायोचित कदम है. लेकिन कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे छात्र-छात्राओं और प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने को लेकर केंद्र सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें.
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि पार्टी राजधानी रांची समेत अन्य हिस्सों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती संख्या को देखते हुए लॉकडाउन अवधि में और अधिक छूट दिये जाने से इंकार करने के फैसले का भी स्वागत करती है.
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार लाकडाउन-2 में कुछ और क्षेत्र की दुकानों को छूट देने के संबंध में निर्णय लेने की जिम्मेवारी राज्य सरकार पर सौंपी थी. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज यह स्पष्ट कर दिया है कि पूर्व में आवश्यक वस्तुओं और दवा की दुकानों को छूट मिली थी. उसके अलावा फिलहाल 3 मई तक राज्य में किसी अन्य दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर हिंदपीढ़ी रेड जोन साबित हुआ है और राजधानी रांची, बोकारो सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों से भी पाये गये कोरोना पॉजिटिव से सरकार एवं आम लोगों की चिंता बढ़ी है. ऐसी हालत में तमाम लोगों से अपील है कि सभी जिला प्रशासन और प्रशासन के आदेशों का पालन करें और अपने घरों में रहे.
उन्होंने कहा कि राजधानी रांची और जिले की सीमा की सुरक्षा की जिम्मेवारी सीआरपीएफ को सौंपने से वायरस के फैलाव पर निश्चय ही अंकुश लगेगा और यह एक समय अनुकूल जनमानस के हित में लिया गया फैसला है.

