नियोजन नीति वापस लेना राज्य के बेरोजगार युवकों के साथ विश्वासघात
Ranchi:- पूर्व मुख्यमंत्री व विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर झारखंड विरोधी फैसले लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि हेमंत सरकार झूठे वादे, पहले वर्ष 5 लाख नौकरी व युवाओं को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखलाकर सत्ता में आई और अब राज्य के युवाओं को छलने का कार्य कर रही है. भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बाबू लाल मरांडी ने कहा कि राज्य के युवाओं को नौकरी देने के बजाय हेमन्त सरकार नौकरियां छिनने में लगी है. पूर्वर्ती सरकार द्वारा झारखंड के युवाओं को थर्ड और फोर्थ ग्रेड में नौकरी देने हेतु 24 जिलों के पदों को राज्य के युवाओं केलिये सुनिश्चित कराया था. जिसमे पहले राज्य के13 अनुसूचित ज़िलों को और बाद में कमिटी की अनुशंसा के बाद11 गैर अनुसूचित ज़िलों को शामिल किया गया था. ताकि राज्य के युवाओं को इसका लाभ मिल सके. किन्तु हेमन्त सरकार ने इस निर्णय को वापस लेकर यह साबित कर दिया है कि हेमन्त सरकार राज्य विरोधी सरकार है.
लेकिन दुर्भाग्य यह है कि हेमंत सरकार ने इस निर्णय को वापस ले लिया है. इस निर्णय से कई नियुक्तियां जो प्रक्रिया अधीन है उन सभी नियुक्तियों को भी रद्द कर दिया जाना दुर्भाग्य जनक है. मामला कोर्ट में भी चल रहा है जहां हेमंत सरकार को राज्य के युवाओं के पक्ष में तर्क रखना चाहिए था.
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की नीति झारखंड के हितों की रक्षा करने वाला नहीं है. यह सरकार नौकरियां देने के बजाय युवाओं को लाठी और डंडे से पीटने में लगी है. पूर्व सरकार द्वारा दिए गए नौकरियां भी छिनने में लगी हुई है. उन्होंने हेमंत सरकार से आग्रह करते हुए कहा है कि सरकार एक बार पुनः अध्ययन करे और निर्णय वापस ले. संवैधानिक कठिनाई दूर करने में भारतीय जनता पार्टी साथ खड़ी है. साथ ही उन्होंने कहा कि यह सरकार प्रशासनिक पदाधिकारियों के इशारे पर चलना बंद करें. यह निर्णय झारखंड विरोधी है, झारखंड के युवाओं के साथ सरकार ने विश्वासघात किया है.
इस प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक ,प्रवक्ता सरोज सिंह उपस्थित थे.

