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हेमंत सरकार का फरमानः सरकारी कर्मियों को रिटायरमेंट के बाद नो एक्सटेंशन

by bnnbharat.com
March 16, 2020
in समाचार
हेमंत सरकार का फरमानः सरकारी कर्मियों को रिटायरमेंट के बाद नो एक्सटेंशन

हेमंत सरकार का फरमानः सरकारी कर्मियों को रिटायरमेंट के बाद नो एक्सटेंशन

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खास बातें:-

  • विषय विशेषज्ञ को छोड़ कर अन्य रिटायर कर्मी अब कांट्रैक्ट पर बहाल नहीं होंगे

  • 2019 में 33 विभागों के 3359 कर्मचारी हो गए रिटायर

  • झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग 27547 पदों पर कर रहा नियुक्ति, फिर भी खाली रह जायेंगे 49596 पद

रांचीः राज्य सरकार में अब स्पेशिलिस्ट को छोड़कर अन्य रिटायर कर्मियों की कांट्रैक्ट पर नियुक्ति अब मुश्किल होगी. सीएम हेमंत सोरेन से ऐसी बहालियों को खत्म करने का फैसला लिया है. सीएम ने राज्य के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल को पीत पत्र लिखकर कहा है कि ऐसी बहालियों को हतोत्साहित करने की जरूरत है.

ऐसी नियुक्ति करने से दूसरे कर्मियों का हक मारा जाता है. पत्र में यह भी कहा है कि जहां विषय विशेषज्ञों को रिटायर होने के बाद रखना जरूरी है. वहां सरकार की अनुमति से रखा जा सकता है. सीएम के इस आदेश के बाद वित्त विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. इधर, 2019 में 33 विभागों के 3359 कर्मचारी रिटायर हो गए.

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1000 से अधिक रिटायर कर्मी कांट्रैक्ट पर कर रहे हैं काम-

राज्य में अब तक बड़े पैमाने पर रिटायरमेंट के बाद कांट्रैक्ट पर बहालियां हुई हैं. 1000 से अधिक कर्मचारी व अफसर रिटायर होने के बाद कांट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं. लंबे समय तक कांट्रैक्ट पर काम कर रहे रिटायर कर्मियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अंकुश लगाने की दिशा में पिछली सरकार भी कदम उठाई थी.

2 लाख 68 हजार 832 पद हैं स्वीकृत-

सरकार के कुल विभागों में स्वीकृत पदों की संख्या 2 लाख 68 हजार 832 है. इसमें 1 लाख 91 हजार 689 पदों पर ही अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं. कई विभागों द्वारा कार्मिक को पद सृजन का प्रस्ताव भी सौंपा गया, लेकिन प्रस्ताव में मौलिक तथ्यों के अभाव के कारण मामला अधर में लटका हुआ है. कई प्रस्तावों में एकरूपता का अभाव है. नियुक्ति के लिये बजट का भी प्रावधान नहीं किया गया है.

फिर भी खाली रह जायेंगे 49596 पद-

राज्य सरकार के लिए विभागों में खाली पड़े पदों को भरना मुश्किल हो रहा है. हालांकि झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग 27547 पदों पर कर्मियों की नियुक्ति कर रहा है. इसमें प्लस टू शिक्षक, हाई स्कूल शिक्षक, आईआरबी, कंप्यूटर ऑपरेटर, इंटर स्तरीय परीक्षा के तहत कंप्यूटर ऑपरेटर व क्लर्क शामिल हैं. इन पदों पर बहाली के बावजूद 49596 पद खाली ही रह जायेंगे.

रिक्त पदों के कारण प्रतिकूल प्रभाव-

कर्मचारियों की कमी के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. फाइलें भी अधिक दिनों तक लंबित रहती हैं. आंकड़ों के अनुसार, राजस्व स्रोतों के विभाग में भी कर्मचारियों का अभाव है.
राज्य के सबसे बड़े राजस्व स्रोत वाले वाणिज्यकर विभाग में 48.11 फीसदी कर्मचारी कम है. उत्पाद विभाग में भी 74 फीसदी कर्मचारियों की कमी है.

किस विभाग में कितने पद हैं रिक्त-

नाम रिक्त पदों की संख्या नाम नाम रिक्त पदों की संख्या

 

कृषि 2688 पशुपालन 997
भवन निर्माण 715 कैबिनेट 121
राज्यपाल सचिवालय 06 निर्वाचन 41
सहकारिता 120 ऊर्जा 53
उत्पाद 522 वित्त 722
राष्ट्रीय बचत 75 वाणिज्यकर 286
खाद्य आपूर्ति 109 वन एवं पर्यावरण 3086
स्वास्थ्य 9380 गृह विभाग 20224
उद्योग 1060 सूचना जनसंपर्क 704
सांस्थिक वित्त 36 श्रम 1185
विधि 1610 खान 476
कार्मिक 106 जेपीएससी 68
संसदीय कार्य 22 योजना 248
कार्मिक राजभाषा 209 पेयजल 779
राजस्व 1271 पथ विभाग 765
ग्रामीण विकास 3498 विज्ञान प्रौद्योगिकी 733
शिक्षा 18357 पर्यटन 101
नगर विकास 47 जलसंसाधन 3227
लघु सिंचाई 657 कल्याण 1267
खेलकूद विभाग 141

 

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