खास बातें:-
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विषय विशेषज्ञ को छोड़ कर अन्य रिटायर कर्मी अब कांट्रैक्ट पर बहाल नहीं होंगे
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2019 में 33 विभागों के 3359 कर्मचारी हो गए रिटायर
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झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग 27547 पदों पर कर रहा नियुक्ति, फिर भी खाली रह जायेंगे 49596 पद
रांचीः राज्य सरकार में अब स्पेशिलिस्ट को छोड़कर अन्य रिटायर कर्मियों की कांट्रैक्ट पर नियुक्ति अब मुश्किल होगी. सीएम हेमंत सोरेन से ऐसी बहालियों को खत्म करने का फैसला लिया है. सीएम ने राज्य के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल को पीत पत्र लिखकर कहा है कि ऐसी बहालियों को हतोत्साहित करने की जरूरत है.
ऐसी नियुक्ति करने से दूसरे कर्मियों का हक मारा जाता है. पत्र में यह भी कहा है कि जहां विषय विशेषज्ञों को रिटायर होने के बाद रखना जरूरी है. वहां सरकार की अनुमति से रखा जा सकता है. सीएम के इस आदेश के बाद वित्त विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. इधर, 2019 में 33 विभागों के 3359 कर्मचारी रिटायर हो गए.
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1000 से अधिक रिटायर कर्मी कांट्रैक्ट पर कर रहे हैं काम-
राज्य में अब तक बड़े पैमाने पर रिटायरमेंट के बाद कांट्रैक्ट पर बहालियां हुई हैं. 1000 से अधिक कर्मचारी व अफसर रिटायर होने के बाद कांट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं. लंबे समय तक कांट्रैक्ट पर काम कर रहे रिटायर कर्मियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अंकुश लगाने की दिशा में पिछली सरकार भी कदम उठाई थी.
2 लाख 68 हजार 832 पद हैं स्वीकृत-
सरकार के कुल विभागों में स्वीकृत पदों की संख्या 2 लाख 68 हजार 832 है. इसमें 1 लाख 91 हजार 689 पदों पर ही अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं. कई विभागों द्वारा कार्मिक को पद सृजन का प्रस्ताव भी सौंपा गया, लेकिन प्रस्ताव में मौलिक तथ्यों के अभाव के कारण मामला अधर में लटका हुआ है. कई प्रस्तावों में एकरूपता का अभाव है. नियुक्ति के लिये बजट का भी प्रावधान नहीं किया गया है.
फिर भी खाली रह जायेंगे 49596 पद-
राज्य सरकार के लिए विभागों में खाली पड़े पदों को भरना मुश्किल हो रहा है. हालांकि झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग 27547 पदों पर कर्मियों की नियुक्ति कर रहा है. इसमें प्लस टू शिक्षक, हाई स्कूल शिक्षक, आईआरबी, कंप्यूटर ऑपरेटर, इंटर स्तरीय परीक्षा के तहत कंप्यूटर ऑपरेटर व क्लर्क शामिल हैं. इन पदों पर बहाली के बावजूद 49596 पद खाली ही रह जायेंगे.
रिक्त पदों के कारण प्रतिकूल प्रभाव-
कर्मचारियों की कमी के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. फाइलें भी अधिक दिनों तक लंबित रहती हैं. आंकड़ों के अनुसार, राजस्व स्रोतों के विभाग में भी कर्मचारियों का अभाव है.
राज्य के सबसे बड़े राजस्व स्रोत वाले वाणिज्यकर विभाग में 48.11 फीसदी कर्मचारी कम है. उत्पाद विभाग में भी 74 फीसदी कर्मचारियों की कमी है.
किस विभाग में कितने पद हैं रिक्त-
| नाम | रिक्त पदों की संख्या नाम | नाम | रिक्त पदों की संख्या
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| कृषि | 2688 | पशुपालन | 997 |
| भवन निर्माण | 715 | कैबिनेट | 121 |
| राज्यपाल सचिवालय | 06 | निर्वाचन | 41 |
| सहकारिता | 120 | ऊर्जा | 53 |
| उत्पाद | 522 | वित्त | 722 |
| राष्ट्रीय बचत | 75 | वाणिज्यकर | 286 |
| खाद्य आपूर्ति | 109 | वन एवं पर्यावरण | 3086 |
| स्वास्थ्य | 9380 | गृह विभाग | 20224 |
| उद्योग | 1060 | सूचना जनसंपर्क | 704 |
| सांस्थिक वित्त | 36 | श्रम | 1185 |
| विधि | 1610 | खान | 476 |
| कार्मिक | 106 | जेपीएससी | 68 |
| संसदीय कार्य | 22 | योजना | 248 |
| कार्मिक राजभाषा | 209 | पेयजल | 779 |
| राजस्व | 1271 | पथ विभाग | 765 |
| ग्रामीण विकास | 3498 | विज्ञान प्रौद्योगिकी | 733 |
| शिक्षा | 18357 | पर्यटन | 101 |
| नगर विकास | 47 | जलसंसाधन | 3227 |
| लघु सिंचाई | 657 | कल्याण | 1267 |
| खेलकूद विभाग | 141 |

