-
9-13 जुलाई तक अत्यधिक वर्षापात एवं वज्रपात की संभावना
-
नीचले स्थानों में निवास करने वाले लोगों को सुरक्षित स्थलों पर ही रहने का निर्देश
-
अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकले जिलेवासी: जिलाधिकारी
बेतिया पश्चिमी चंपारण: भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत सरकार एवं आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार द्वारा पश्चिम चम्पारण जिले में दिनांक-09-13 जुलाई तक भारी वर्षापात एवं वज्रपात होने का हाई अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश होने के कारण जिले में बाढ़ की संभावना बनी हुई है.
इसी के मद्देनजर आज जिलाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा संबंधित अनुमंडलों के एसडीओ/एसडीपीओ, जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी कोे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भारी बारिश एवं संभावित बाढ़ से निपटने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है.
जिलाधिकारी ने कहा कि 9-13 जुलाई तक पश्चिम चम्पारण जिले में अत्यधिक वर्षापात, वज्रपात एवं संभावित बाढ़ से बचाव हेतु सभी आवश्यक तैयारियां अपडेट रखी जाये.
उन्होंने आपदा प्रबंधन से संबंधित पदाधिकारियों को निदेश दिया कि ऐहतियातन दियारावर्ती, सीमावर्ती एवं गंडक नदी के आसपास रहने वाले निवासियों को सतर्कतापूर्वक आवागमन करने एवं सुरक्षित स्थलों पर वास करने की जानकारी मुहैया करायी जाये. इन स्थलों पर माईकिंग के द्वारा सभी निवासियों को अलर्ट रहने एवं सुरक्षित स्थलों पर सतर्कतापूर्वक वास करने को कहा जाय.
साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारी भयंकर वर्षापात, वज्रपात एवं बाढ़ आपदा के समय हर परिस्थिति से निपटने हेतु पूरी तरह अलर्ट मोड में रहें.
जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अत्यधिक वर्षापात, वज्रपात एवं संभावित बाढ़ के मद्देनजर सभी संवेदनशील पंचायतों में राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई घरों का संचालन करने हेतु सभी तैयारियां अपडेट रखी जाये.
साथ ही पर्याप्त संख्या में उच्च कोटि के नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिया गया है. उन्होंने कहा कि नावों के परिचालन हेतु मार्ग का निर्धारण पूर्व में ही कर लेना आवश्यक है तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि नावों पर क्षमता से अधिक सामान एवं यात्रियों को नहीं बैठाया जाय.
उन्होंने छोटी-छोटी नावों के परिचालन को बंद कराने का भी निर्देश दिया है. समीक्षा के क्रम में जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी अनिल राय द्वारा बताया गया कि संभावित बाढ़ वाले क्षेत्रों को सेक्टर में बांट कर सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गयी है. विभिन्न नदी घाटों पर मजिस्टेट की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है. साथ ही पशु आश्रय स्थल को चिन्हित कर लिया गया है.
वहीं बाढ़ के समय पीड़ितों को आश्रय स्थलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वास कराने को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है. इस हेतु संभावित बाढ़ वाले क्षेत्रों में आश्रय स्थलों की संख्या बढ़ायी जा रही है, ताकि कोविड-19 के संक्रमण की संभावना नहीं रहे.
उन्होंने बताया कि वर्षापात, वज्रपात एवं बाढ़ के मद्देनजर जिलास्तर पर जिला आपदा संचालन केन्द्र संचालित किया जा रहा है, जिसका दूरभाष संख्या-06254247002/10254247003 है. जिलेवासी इन नंबरों पर वर्षापात, वज्रपात एवं बाढ़ से संबंधित जानकारी दे सकते हैं.
जिलाधिकारी द्वारा जिलेवासियों से अपील की गयी है कि अनावश्यक रूप से घर से नहीं निकलें. जिला प्रशासन द्वारा विषम परिस्थिति से निपटने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गयी है. सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है. इस बैठक में सहायक समाहर्ता कुमार अनुराग, अपर समाहर्ता नंदकिशोर साह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.

