रांची:- झारखंड में गोड्डा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी सांसद निशिकांत दूबे की पत्नी अनामिका गौतम को उच्च न्यायालय से गुरुवार को बड़ी राहत मिली है.
झारखंड उच्च न्यायालय ने देवघर में जमीन खरीद से जुड़े मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कर दिया है. सांसद की पत्नी ने देवघर स्थित एलओकेसी धाम में जमीन खरीदी है.
इसके खिलाफ देवघर टाउन थाना में दो प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, यह प्राथमिकी विष्णुकांत झा ने दर्ज कराई है. उनका आरोप था कि गलत तरीके से और बाजार दर से कम दाम में जमीन खरीदी गई है. इससे सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचा है, जबकि सांसद की पत्नी ने दावा किया था कि जमन खरीद में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है और न ही सरकार को कोई राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है.
इसी केस को निरस्त (क्वैश) करने के लिए सांसद की पत्नी की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद केस को निरस्त कर दिया है. इससे पहले पिछली सुनवाई में अनामिका गौतम की तरफ से हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बताया था कि जमीन खरीद का मामला आपराधिक नहीं सिविल विवाद है. उनके मुवक्किल ने कोई फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूखंड नहीं खरीदी है, प्राथमिकी में लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और धाराएं भी अनुकूल नहीं हैं. लिहाजा केस को निरस्त किया जाना चाहिए. अनामिका गौतम ऑनलाइन इंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की प्रोपराइटर है.
गौरतलब है इसी केस कोलेकर देवघर पुलिस ने अनामिका गौतम से कई जानकारी मांगी थी, इसे लेकर सांसद आपत्ति जाहिर करते रहे हैं. और कई मौके पर निशिकांत दूबे सीधे तौर पर आरोप लगाते रहे हैं कि विष्णुकांत झा ने सरकार के शह पर उन्हें परेशान करने के लिए इस तरह का केस दर्ज कराया है. वहीं देवघर पुलिस नियम प्रवाधान के विपरीत उनकी पत्नी के नाम नोटिस भेजती रही है.
इधर हाईकोर्ट से केस निरस्त होने के बाद सांसद ने आज दो ट्वीट करके अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है. ट्वीट के जरिए उन्होंने सीएम को आगाह कराया है कि सरकार इस तरह के कार्यों से बचे. इसके साथ ही उन्होंने कहा है, ’’घटिया स्तर के मानसिकता वाले कुछ पत्रकारों के साथ मिलकर हमें बदनाम किया गया. झूठा केस कराकर मानसिक तौर पर परेशान किया गया, लेकिन माननीय उच्च न्यायालय ने हमारे पक्ष में फैसला दिया है.’’
