BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

हाईकोर्ट ने बाबूलाल के खिलाफ दल-बदल मामले में स्पीकर की कार्रवाई पर लगी रोक हटायी

by bnnbharat.com
January 19, 2021
in समाचार
हाईकोर्ट ने बाबूलाल के खिलाफ दल-बदल मामले में स्पीकर की कार्रवाई पर लगी रोक हटायी
Share on FacebookShare on Twitter

मामले में सुनवाई की अगली तिथि 2 मार्च निर्धारित

रांची:- झारखंड उच्च न्यायालय ने भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी खिलाफ स्पीकर की कार्रवाई पर लगाई गई रोक को हटा दिया है.  अब स्पीकर इस मामले में कार्यवाही कर सकते हैं. वहीं दल बदल के मामले में स्पीकर को स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाही करने का अधिकार है या नहीं, यह अब झारखंड हाईकोर्ट तय करेगा. अदालत ने इस मामले पर सुनवाई के लिए दो मार्च की तिथि निर्धारित की है.

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने कहा कि उनके सामने सिर्फ स्वतः संज्ञान के अधिकार का मामला लाया गया है, इस कारण अन्य मामलों में अदालत हस्तक्षेप नहीं कर सकती और उस पर स्पीकर निर्णय लेने को स्वतंत्र है. अदालत ने कहा कि चूंकि स्पीकर ने स्वतः संज्ञान वाले मामले में जारी नोटिस पर आगे कार्रवाई नहीं करने का अदालत में शपथपत्र दाखिल किया है, इस कारण अदालत इस मामले में पूर्व में लगाई गई रोक को अब वापस लेती है, क्योंकि स्पीकर के शपथपत्र के बाद रोक का कोई औचित्य नहीं रह गया है.

मंगलवार को सुनवाई के दौरान स्पीकर की ओर से अदालत को बताया गया कि स्वतः संज्ञान लिए मामले में अब आगे सुनवाई नहीं की जाएगी.इसका शपथपत्र भी दाखिल कर दिया गया है. इस कारण यह याचिका अब अप्रासंगिक हो गई है. ऐसे में अब इस याचिका पर सुनवाई नहीं की जानी चाहिए और इसे निष्पादित कर देनी चाहिए. स्पीकर की तरफ से रखे गए इन तर्कों का बाबूलाल मरांडी की ओर से विरोध किया गया.  बाबूलाल मरांडी की ओर से अदालत को बताया गया कि यह याचिका स्पीकर के अधिकार क्षेत्र को तय करने के लिए दायर की गई है. बाबूलाल मरांडी की तरफ से अदालत को यह भी बताया गया कि स्पीकर को दसवीं अनुसूची में स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार नहीं है, लेकिन स्पीकर ने स्वतः संज्ञान लेकर दलबदल मामले में नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई शुरु कर दी थी. बाबूलाल मरांडी की तरफ से कहा गया कि पहले स्पीकर ने स्वतः संज्ञान से कार्यवाही शुरू की. बाद में कुछ विधायकों ने भी बाबूलाल के खिलाफ दलबदल के मामले की शिकायत की तो उस पर भी नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई. यह जाहिर होता है कि विधायकों ने जब शिकायत की तब स्पीकर ने स्वतः संज्ञान वाले मामले में कार्यवाही नहीं करने का निर्णय लिया है. ऐसे में यह तय होना जरूरी है कि स्पीकर को स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार नहीं है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

बढ़ते ठंड को देखते हुए कंबल का वितरण किया गया

Next Post

प्रभात शंकर बने झारखंड एथलेटिक्स संघ के एसोसिएट उपाध्यक्ष

Next Post

प्रभात शंकर बने झारखंड एथलेटिक्स संघ के एसोसिएट उपाध्यक्ष

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d