नई दिल्ली:- इस बार होली के दिन चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेगा साथ ही मकर राशि में गुरू और शनि विराजमान रहेंगे जबकि शुक्र और सूर्य मीन राशि में रहेंगे.जिससे इस बार की होली का महत्व काफी बढ गया है. होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6ः21 बजे से रात 8ः41 बजे तक का पंडितों द्वारा बताया जा रहा है. होलिका दहन से पहले होली पूजा की जाती है.महिलाएं स्नानादि के बाद अक्षत, गंध, फूल, कच्चा सूत, एक लोटा जल, माला, रोली, गुड, गुलाल, रंग, नारियल, गेहूं की बालियां व पकवान आदि लेकर होलिका स्थान पर जाती हैं. पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बैठ कर गंध, धूप, पुष्प व उपलों से होलिका की विधि-विधान से पूजा की जाती है. 7 बार परिक्रमा की जाती है और कच्चा सूत होलिका में लपेटा जाता है. लोटे से जल अर्पित कर लाई गई पूजा सामग्री को भी चढाया जाता है. शाम को होलिका दहन के समय पुरूष कपूर या उपलों को होलिका की आग में जलाते हैं और गेंहू की बालियों को भूनते हैं.

