रांची.झारखंड के चर्चित फर्जी सरेंडर मामले में होमगार्ड के डीजीएम वी राव भी अहम जानकारी देंगे सूत्रों के अनुसार एक-दो दिनों में इस मामले का अनुसंधान करने वाले सीनियर अफसर इनके पास जा सकते हैं बताते चलें कि फर्जी सिलेंडर का खुलासा एमबी राव ने ही किया था. साल 2013 में जब वह सीआरपीएफ के आईजी थे तो अपने साथ सीआरपीएफ के डीआईजी को लेकर पुराने जेल में गए थे वहां उन्होंने देखा था कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ने वाली कोबरा बटालियन की तैनाती फर्जी सरेंडर करने वाले युवकों की सुरक्षा में की गई है उन्होंने तुरंत इस पर पुलिस मुख्यालय को एक पत्र लिखा था रांची पुलिस इस मामले की जांच कर रही है जानकारी के अनुसार एमवी राव एक 2 दिनों के अंदर इस पूरे प्रकरण पर जानकारी देंगे इसी मामले में तत्कालीन एसएसपी साकेत कुमार सिंह भी लिखित बयान देंगे इसके अलावा सीआरपीएफ के दो कमांडेंट स्तर के अधिकारी पीके मिश्रा और शैलेश पाठक का बयान हो चुका है संजय प्रमाणिक ने कहा है कि उन्होंने अपनी 5 एकड़ जमीन बेचकर सीआरपीएफ के अधिकारियों को घूस दी थी 514 आदिवासी युवकों को फर्जी सरेंडर कराने में जिन की भूमिका सामने आए है उसमें रवि बोथरा ने भी पूरे मामले में जो बयान दिया है उससे कई सीनियर अधिकारी भी जांच की आंच में आ गए हैं उनके मुताबिक पूरे प्रकरण की जानकारी तत्कालीन गृह सचिव जेबी तुबिद पूर्व डीजीपी डीके पांडे और कई अधिकारियों को भी थी जांच के क्रम में रवि बोदरा को पुलिस की ओर से उपलब्ध कराए गए दो वाहनों की भी पूरी जानकारी मिल गई है साथी फर्जी सरेंडर करने वाले युवकों और उनकी सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ के जवानों पर हुए खर्च के ब्योरे से संबंधित दस्तावेज भी हाथ लगे हैं फर्जी सरेंडर की जांच एसआईटी कर रही है

