दिल्ली: कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. देश-विदेशों में हर दिन हजारों की संख्या में मौत हो रही है. अमेरिका में पिछले 24 घंटे में 2500 से भी ज्यादा मौतें हुई है. इसके साथ ही वहां मौत का आकड़ा 60 हजार के पार पहुंच गयी है. बात करें भारत की तो यहां कोरोना से अब तक 1,079 लोगों को जान जा चुकी है. 33,062 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए है. जिसमें 8,437 लोग ठीक भी हो चुके है. भारत में स्थिति गंभीर नजर आ रही है.
इस बीच गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि लॉकडाउन से देश के कई जिलों को रियायत देने के लिए जल्द एक और गाइडलाइन जारी की जाएगी जो 4 मई से लागू होगी. इस बारे में विस्तृत ब्यौरा आने वाले दिनों में दे दिया जाएगा. गृह मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन की स्थिति को लेकर मंगलवार को व्यापक समीक्षा बैठक हुई. लॉकडाउन के चलते देश को अभी तक कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में काफी मदद मिली है. ऐसे में कोरोना को रोकने में जो कामयाबी अभी तक मिली है वह बेकार न जाए इसके लिए 3 मई तक लॉकडाउन गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन कराया जाएगा. गृह मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या किसी व्यक्ति या परिवार को निजी वाहन में जाने की इजाजत मिल सकती है और यदि अनुमति मिल सकती है. तो उसके लिए क्या शर्तें होंगी सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेजे आदेश में भल्ला ने कहा, ‘लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूर, तीर्थयात्री, सैलानी, छात्र और अन्य लोग विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं. उन्हें जाने की इजाजत दी जाएगी.’
मंत्रालय ने शर्तें गिनाते हुए कहा कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इस बाबत नोडल अधिकारी बनाने होंगे और ऐसे लोगों को रवाना करने तथा इनकी अगवानी करने के लिए मानक प्रोटोकॉल बनाने होंगे. आदेश में कहा गया है कि नोडल अधिकारी अपने राज्यों में फंसे हुए लोगों का पंजीकरण भी करेंगे. इसके अनुसार यदि फंसे हुए लोगों का समूह किसी एक राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से दूसरे राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के बीच यात्रा करना चाहता है तो दोनों राज्य एक दूसरे से सलाह-मशिवरा कर सकते हैं और सड़क से यात्रा के लिए आपसी सहमति जता सकते हैं. कोरोना वायरस की वजह से दबाव झेल रहे कारोबारियों के लिए राहत पैकेज का ऐलान जल्द की जा सकती है.

