दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कोरोनावायरस संक्रमण से संबंधित लागू की गई नई व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं. मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में होम आइसोलेशन में व्यवस्था बदलने से दिक्कत बढ़ी है. नई व्यवस्था में अब कोरोना मरीज को क्वारन्टीन सेन्टर जाना जरूरी हो गया है.
कोरोना पॉजिटिव आते ही लोगों को डर है कि अब उन्हें क्वारंटीन सेंटर जाना पड़ेगा. पहले इन लोगों ने होम आइसोलेशन बंद किया अब इसको दोबारा लागू करवाया तो लोगों को व्यवस्था बदलने से दिक्कत हो रही है, वरना मरीज पुलिस प्रशासन फोन करते हैं.
सिसोदिया ने कहा कि कोरोना मरीजों के आने से लाइन बढ़ रही है. इस व्यवस्था की वजह से एंबुलेंस व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है. डिप्टी सीएम (Deputy CM) ने कहा कि मैंने एलजी साहब (LG) को चिट्ठी लिखी है कि दिल्ली में जो पहली व्यवस्था थी उसे फिर से लागू किया जाए जिसमें अगर कोई भी पॉजिटिव पाया जाता है तो दिल्ली सरकार की टीम उस व्यक्ति के घर जाती थी और उसका चेक अप करती थी. साथ ही तय करती थी कि व्यक्ति होम क्वारंटीन में रहेगा या उसे क्वारंटाइन सेंटर भेजा जाएगा.
नई व्यवस्था बंद की जाए
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एलजी साहब से मैने निवेदन किया है कि यह जो नई व्यवस्था लागू की गई है कि हर पॉजिटिव व्यक्ति को जांच कराने के लिए क्वारंटाइन सेंटर आना पड़ेगा यह बंद की जाए और पुरानी व्यवस्था लागू की. जिसमें हमारी टीम पॉजिटिव व्यक्ति के घर जाकर जांच करती थी.
मुझे उम्मीद है कि एलजी साहब जल्द ही दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की बैठक बुलाएंगे और इस फैसले को बदलवाएंगे. वरना लोगों की परेशानी रोजाना और ज्यादा बढ़ेगी. रोजाना 3000 पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं, अगर यह सब लाइन में लगेंगे तो स्थिति और खराब होगी.

