रांची:-सामाजिक सरोकार से जुड़ी संस्था विकास भारती ने आज कोरोना काल के दौरान बेहतर प्रदर्शन करनेवाले स्व-व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों को सम्मानित किया.
उद्यमियों के सम्मान कार्यक्रम के दौरान विकास भारती के अध्यक्ष पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि विकास भारती लगातार उद्यमियों के उन्मुखीकरण का कार्य कर रहा है. श्री भगत ने कहा कि बेरोजगारी के बावजूद देश मे स्किल्ड लेबर की भारी कमी है. कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए संस्था के सचिव एवं प्राख्यात सामाजिक चिंतक पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि सरकारी नौकरी एक भ्रांत और मिथकीय नारा है.पद्मश्री भगत ने कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार शत्-प्रतिशत नौकरी नहीं दे सकती है.किसी सरकार में यह हिम्मत नहीं है कि वह सभी युवाओं को नौकरी पर रख ले.आत्मसम्मान और स्वाभिमान के साथ यदि जीना है तो हमें स्वावलंबी बनना होगा एवं स्वरोजगार पर ही अपना जीवन बसर करना होगा।उन्होंने कहा कि लोगों को स्वावलंबी बनाया जाय जो स्वाभिमान के साथ अपना जीवन यापन कर सकें.सरकारी नौकरी के विषय पर उन्होंने कहा कि माफ करेंगे, सरकारी नौकरी का मतलब पैसे की निश्चितता और काम में कोताही है.यदि लोगों को पारंपरिक रोजगारों के साथ जोड़कर उनके हस्तकला को परिमार्जित और समय के अनुकूल बनाया जाय तो बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा.कोरोना महामारी काल में आत्मनिर्भर लोग खड़े हुए हैं.झारखंड की महिलाओं ने अद्भुत काम किया है.सम्मान के साथ रोजगार कर रही हैं और हजारों लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं.तसर संस्थान के निदेशक जे.पी. पांडे ने कहा कि झारखंड देश का सबसे अधिक तसर उत्पादन करता है.देश का 80 प्रतिशत तसर झारखंड में उत्पादित होता है.यह एक बड़ा स्वरोजगार साबित हो सकता है.उन्होंने तसर संस्थान द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी उद्यमियों को दिया.संस्था की उपाध्यक्षा डॉ० रंजना चौधरी ने स्वरोजगार के विषय पर विस्तार से अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया.उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारों की चर्चा करते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है कि हम दुनिया पर नहीं खुद पर भरोसा करके अपने आपको, अपने समाज, अपने राज्य और अपने देश को खड़ा करें.खादी कमीशन के स्थानीय निदेशक जितेंद्र गुप्ता ने खादी आयोग द्वारा संचालित बहुआयामी कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से चर्चा की.वहीं एम.एस.एम.ई. के निदेशक श्री पवन कुमार गुप्ता ने उद्यमिता को समझाते हुए भारत सरकार और अपने विभाग के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराई.एकल अभियान के अखिल भारतीय प्रमुख डॉ० ललन शर्मा ने गांव, व्यापार, शहर आदि विषयों को छेड़ा और कहा कि गांव के स्थानीय लोगों में जब तक विकास नहीं होगा उनमें रोजगार की आधुनिक प्रवृत्ति की संवेदना नहीं पैदा होगी, तब तक उद्यमिता का अर्थ स्पष्ट नहीं हो पाएगा.कार्यक्रम के दौरान संस्था के उपाध्यक्ष डॉ० अजय सिंह ने नव उद्यमियों, सामाजिक उद्यमियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि हम हमारी संस्था आपको सम्मानित नहीं कर रही है, हम इस कार्यक्रम से अपने आप को सम्मानित अनुभव महसूस कर रहे हैं.नव उद्यमियों को उन्होंने साधुवाद दिया.कार्यक्रम के दौरान आशीष तिवारी, पियुष मनीष, गौतम भगत, नमिता सिंह, सुनिता लिंडा आदि कई नव उद्यमियों ने अपने-अपने विचार रखे और अपनी भावना से कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को अवगत कराया.कार्यक्रम में 33 नव उद्यमियों को सम्मानित किया गया.संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन जन शिक्षण संस्थान के प्रभारी निदेशक निखिलेश मैती ने किया.
कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव पद्मश्री डॉ० अशोक भगत ने उद्यमियों को शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.धन्यवाद ज्ञापन ट्राईबल स्टडी सेंटर के निदेशक डॉ० प्रदीप कुमार मुण्डा ने किया.

