रांची : झारखंड राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल राजेन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में इनदिनों एक नया मामला देखने को मिल रहा है । एक एक करके रिम्स के डॉक्टर अस्पताल छोड़ने का निर्णय ले रहे है
मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय सिंह के बाद सीनियर प्रोफेसर डॉ. विद्यापति ने भी रिम्स छोड़ने का निर्णय लिया है. इसके लिए उन्होंने अपना वीआरएस आवेदन (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) आवेदन रिम्स प्रबंधन को सौंप दिया । डॉ विद्यापति ने अपने आवेदन में रिम्स छोड़ने का कारण खराब स्वास्थ्य को बताया है । लेकिन सच कुछ और ही बयाँ करता है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की जांच एन्टी करप्शन ब्यूरो ( एसीबी) से कराने के सरकार के फैसले से अस्पताल के डॉक्टर खफा हैं , इसलिए वीआरएस लेने का सिलसिला शुरू हो गया है ।
मिली जानकारी के अनुसार 27 सीनियर डॉक्टर छोड़ सकते हैं रिम्स अस्पताल । इस मामले को लेकर जब रिम्स के निदेशक से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें डॉक्टरों के वीआरएस मिले है जो कि विचार के राज्य सरकार के पास भेज दिया गया है । रिम्स में रविवार को उद्घाटन-शिलान्यास के बीच मुख्यमंत्री रघुवर दास ने डॉक्टरों के साथ संवाद भी किया और कहा की रिम्स से कोई वीआरएस नहीं लेगा , सरकार आप लोगों के साथ है। समस्याओं का समाधान भी जल्द ही किया जाएगा ।
एसीबी की जांच पर भी मुख्यमंत्री बोल कि जो रिम्स के समय में निजी प्रैक्टिस करेगा उसके खिलाफ ही एसीबी की जांच होगी ऑफिसयल टाइम में रिम्स में रहिए और गरीब मरीजों का इलाज करिए। डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं और इसे मैं पूरी तरह से मानता हूं
सीएम ने कहा कि एक महीने में तमाम छोटी-बड़ी समस्याओं का निदान करने की कोशिश सरकार करेगी ।

