ब्राजील : ब्राजील में कोरोनावायरस का कहर अपने चरम पर पहुंचता जा रहा है. यहां हर रोज रिकॉर्ड लोगों की मौत हो रही है. सोमवार को 1,480 लोगों ने कोरोना के चलते अपनी जान गंवाई है. इस कारण राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो () पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है. वहीं, राष्ट्रपति बोलसोनारो ने बढ़ते कोरोना मामलों के बीच लॉकडाउन लागू करने से इनकार कर दिया है. दुनियाभर में महामारी का सबसे अधिक प्रभाव ब्राजील में ही देखने को मिल रहा है, जहां हर रोज एक हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा रहे हैं.
देश के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, हाल के सप्ताह में कोरोना के नए मामलों ने वायरस की एक नई लहर पैदा कर दी है. अभी तक 1.35 करोड़ लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और 3,54,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, अब महामारी से निपटने को लेकर सरकार के कदमों की जांच की जाएगी. सीनेट एक स्पेशल कमिटी बना रही है, जो इस बात की जांच करेगी कि बोलसोनारो सरकार ने महामारी से निपटने के लिए क्या कदम उठाए.
लॉकडाउन लागू करने से बोलसोनारो का इनकार
गौरतलब है कि कोरोना की शुरुआत में राष्ट्रपति बोलसोनारो ने इस वायरस को कम करके आंका और बेतुके बयान दिए. साथ ही उन्होंने लॉकडाउन लागू करने से इनकार किया और वैक्सीन की प्रभावकारिता पर सवाल उठाए. बोलसोनारो ने कहा था कि फाइजर-बायोएनटेक कंपनी की कोरोना वैक्सीन लोगों को मगरमच्छ या दाढ़ी वाली औरत बना सकती है. शुरुआत से ही बोलसोनारो कोरोना वायरस को हल्के में लेते आए हैं. वह वैक्सीन लगाने से इनकार भी कर चुके हैं.
फुकुशिमा की तरह त्रासदी झेल रहा है ब्राजील
पिछले हफ्ते, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने सरकार के कोरोना को लेकर उठाए गए कदमों की जांच करने क लिए सीनेट जांच की अनुमित दी. हालांकि, सीनेट अध्यक्ष इस जांच में देरी करने में जुटे हुए थे. यहां गौर करने वाली बात ये है कि जांच बैठाने के लिए बड़ी संख्या में सीनेटर्स ने अपना समर्थन दिया था. ब्राजील में हालात किस कदर खराब हो चुके हैं, इस बात की जानकारी ऐसे मिल सकती है कि यहां के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ब्राजील जापान की तरह जैविक फुकुशिमा त्रासदी को झेल रहा है, जिसमें हर हफ्ते कोरोना वायरस का एक नया स्ट्रेन सामने आ रहा है.

