रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज रांची स्थित उनके आवास में सैकड़ों लोगों ने मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखी. साल 1972-73 में पतरातू थर्मल पावर स्टेशन के लिए हमारी जमीन का अधिग्रहण किया गया था लेकिन आज तक मुआवजा और नौकरी नहीं मिली. पुनर्वास नीति का भी हमें लाभ नहीं मिला से रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित जयनगर, बलकुदरा और रसदा गांव के विस्थापित रैयतों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपना दुख दर्द बताया। उन्होंने कहा कि 500 परिवार इससे प्रभावित हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही इस पर कार्रवाई की जाएगी
राज्य साक्षरता कर्मी महासंघ ने साक्षर भारत कार्यक्रम के बंद होने और राज्य साक्षरता मिशन को सक्रिय करने, झारखंड महिला समाख्या सोसाइटी ने 2016 से सोसाइटी बंद होने की शिकायत, रांची नगर निगम के वाहन चालकों और सफाई कर्मियों ने और देवघर के देवीपुर प्रखंड से आए विलेज कोऑर्डिनेटर ने अपनी अपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया. होमगार्ड के लिए चयनित किए गए युवाओं ने भी मुख्यमंत्री से उन्हें जल्द प्रशिक्षण पर भेजने, कोडरमा जिले के बेलगढ़ा गांव की महिलाओं ने वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के लिए और रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड से आए बिरहोर युवकों ने नौकरी के लिए आग्रह किया.

