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IAS और IPS का झारखंड से हो रहा मोह भंग, VRS लेने को आतुर

by bnnbharat.com
July 28, 2019
in Uncategorized
IAS और IPS का झारखंड से हो रहा मोह भंग, VRS लेने को आतुर

IAS and IPS disrupted by Jharkhand, desperate to take VRS

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रांची : झारखंड कैडर के IAS अफसरों का झारखंड से मोह भंग हो रहा है , या तो वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाना मुनासिब समझ रहे हैं या VRS लेना चाह रहे हैं. वतर्मान में झारखंड कैडर के राजीव गौबा, एनएन सिन्हा, अमित खरे, निधि खरे, एसएस मीणा, राजीव कुमार और एसकेजी रहाटे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में है. वहीं के श्रीनिवास तमिलनाडू में और चंद्रशेखर बिहार में राज्य प्रतिनियुक्ति में है. अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर इंदू शेखर चतुर्वेदी ने भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में जाने का आवेदन दे दिया है.

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छह IAS ले चुके हैं VRS

राज्य गठन के बाद से अब तक छह IAS अफसरों ने VRS ले लिया है. इसमें मुनिगला, विमल कीर्ति सिंह, जेबी तुबिद, संत कुमार वर्मा और बीके चौहान के नाम शामिल हैं. वतर्मान में सीएस रैंक के अफसर सह कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल ने भी VRS के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अंतिम समय में उन्होंने अपना आवेदन वापस ले लिया.

कई अफसरों ने झारखंड आना मुनासिब नहीं समझा

कई अफसरों ने वापस अपने झारखंड में आना मुनासिब नहीं समझा. ज्योत्सना वर्मा रे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में गईं, लेकिन झारखंड वापस नहीं आई. कई बार राज्य सरकार ने रिमांडर भी भेजा, लेकिन राज्य सरकार को कोई जवाब नहीं मिला. अंत में ज्योत्सना को सरकार ने बर्खास्त कर दिया. इसी तरह सीनियर IAS डॉ सिमता चुग रिटायर हो गईं, लेकिन अपने कैडर में वापस नहीं आईं. राजीव कुमार पांच साल से भी अधिक अवधी से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में हैं. इसी तरह टी नंदकुमार और एके चुग ने भी झारखंड के बजाए दिल्ली में ही रहना उचित समझा.

VRS लेने में IPS भी पीछे नहीं

VRS लेने में IPS भी पीछे नहीं है.राज्य गठन से लेकर अब तक तीन IPS वीआरएस ले चुके हैं. इसमें अमिताभ चौधरी, डॉ अजय कुमार और रेजी डुंगडुंग VRS ले चुके हैं.

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