नई दिल्ली: भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने देश भर में दूसरे दौर के सेरो सर्वे (Sero Survey ) की शुरुआत कर दी है. इस सर्वे के नतीजे अगले महीने यानी सितंबर में आएंगे. इस सर्वे के तहत आमतौर पर इस बात का पता लगाया जाता है कि आखिर किसी जिले या शहर में कितने लोग कोरोना से संक्रमित हो कर ठीक हो गए हैं. शरीर में मौजूद एंटीबॉडी से इसका पता लगाया जाता है. इसके अलावा इससे पता चलता है कि क्या कही कोरोना (Coronavirus) कम्युनिटी ट्रांसमिशन के कगार पर तो नहीं पहुंच गया है.सरो सर्वे का पहला दौर इस साल लॉकडाउन के दौरान मई में किया गया था.
लिए जा रहे हैं 24 हजार सैंपल
पहले दौर में ICMR ने ये सर्वे नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, राज्यों के स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) के साथ मिलकर किया था. इस सर्वे में पता चला था कि देश में 0.73% लोगों में एंटीबॉडी बनी थी. इस बार ये सर्वे देश के 21 राज्यों के 69 जिलों में किया जा रहा है. इसके तहत 24 हजार सैंपल लिए जाएंगे. कई राज्यों में सैंपल इकट्ठा करने का काम भी खत्म हो गया है. ICMR के डायरेक्टर बलराम भार्गव ने कहा है कि सर्वे के नतीजे सितंबर के पहले हफ्ते में आ जाएंगे.
मौत की दर पर चिंता
इस बीच केंद्र ने कोविड-19 से जिन नौ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना की मौत की दर ज्यादा है वहां के मुख्य सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की है. वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई इस समीक्षा बैठक में केबिनेट सचिव राजीव गौबा, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, आईसीएमआर के महानिदेशक और नीति आयोग में सदस्य (स्वास्थ्य) सहित महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, आंध्र प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर राज्य के मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव शामिल हुए.

