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सरकार अगर लैंड म्युटेशन बिल को विधानसभा में पेश करेगी, तो अब याचना नहीं रण होगा: भाजपा

by bnnbharat.com
September 20, 2020
in समाचार
संथाल के आदिवासियों- मूलवासियों के स्वास्थ्य की चिंता हेमंत सरकार को बिल्कुल नहीं है: भाजपा
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भाजपा ने सभी जिलों में जलाई विधेयक की प्रतियां

रांची: प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश भर में आज लैंड म्युटेशन बिल की प्रतियों को जलाते हुए राज्य सरकार को चेतावनी दी कि सरकार इस जल, जंगल, जमीन विरोधी बिल को विधानसभा में पेश करने से बाज आये. आज प्रदेश भर में पार्टी ने विरोध कार्यक्रम आयोजित किये. सभी जिलों में हजारों की संख्या में सड़क पर उतरकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज चंदवा के इंदिरा गांधी चौक पर भाजपा के अन्य नेताओं के के साथ झारखंड म्युटेशन एक्ट 2020 की  प्रतियों को जलाया.बाद में चंदवा आईबी में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना है कि राज्य सरकार सत्र के अंतिम दिन गरीबों की जमीन की लूट की छूट देने वाले इस बिल को पारित करने का कोशिश करेगी.

प्रतुल ने कहा कि अगर सरकार ने ऐसा प्रयास किया तो अब याचना नहीं अब रण होगा. भाजपा सड़क से विधानसभा तक इस बिल के विरोध में सरकार के खिलाफ  कड़ा प्रतिकार करेगी और किसी सूरत में बिल को पारित नहीं होने देगी. प्रतुल ने कहा कि इस बिल के पास हो जाने से झारखंड के आदिवासी और मूल वासियों की जमीन को लूटने वालों भूमि माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों को मजबूत संरक्षण मिलेगा.

प्रतुल ने प्रेस से बात करते हुए बताया की बिल के सेक्शन 22 में स्पष्ट है की भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को करने के पहले सरकार के द्वारा पहले जांच कराने और फिर अनुमति देने का प्रावधान है.

अमूमन ऐसा होता है कि अगर किसी आदिवासी की जमीन को किसी रिवेन्यू अधिकारी ने गलत तरीके से किसी दूसरे व्यक्ति को बंदोबस्त कर दिया है तो उसके खिलाफ मुकदमा चलता है. लेकिन सरकार ने अब अदालतों के संज्ञान लेने की शक्ति को भी अपने पास रख लिया है. राज्य सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को दोहरी सुरक्षा देना चाह रही है.

प्रतुल ने कहा कि एक तरफ दूसरे राज्य जमीन से संबंधित कानून को कड़ा कर रहे हैं तो दूसरी तरफ जल, जंगल, जमीन का नारा देकर सत्ता में आने वाली पार्टी जमीन की गलत बंदोबस्ती करने वाले अधिकारियों को सुरक्षा कवच दे रही है. भाजपा सदन से सड़क तक लड़ाई लड़कर इस गरीब विरोधी सरकार को इस बिल को सदन में पेश कर पारित नहीं करने देगी.

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